अभिजीत दिपके ने बालाघाट के आदिवासी गांवों का दौरा किया
संक्रमण से 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके ने प्रभावित गांवों का दौरा किया और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है जबकि विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
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भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके ने प्रभावित आदिवासी गांवों का दौरा किया। उन्होंने परिवारों से मुलाकात कर प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।
इस मामले में हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट कलेक्टर और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रभावित बच्चों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि करीब 400 बच्चों का इलाज ऐसे अस्पताल में किया जा रहा है, जिसकी क्षमता महज 50 बेड की है।
याचिका में प्रभावित इलाकों में हैंडपंपों से पीले रंग का पानी आने और बच्चों तथा महिलाओं को कई महीनों से समय पर पौष्टिक भोजन न मिलने का भी उल्लेख है। इन परिस्थितियों को बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले असर से जोड़ते हुए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए हैं।
बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले ने स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल और पोषण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। अभिजीत दिपके ने प्रभावित आदिवासी गांवों अदोरी, कोरका और बोंडारी का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं तथा दूषित पेयजल की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा, "हम उन परिवारों के साथ पूरी सहानुभूति रखते हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जरूर आगे आएंगे।"
दिपके ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मौतों का आंकड़ा तो स्वीकार कर लिया है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और दोषी अफसरों की जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की है।
इस बीच विपक्षी दल कांग्रेस आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर सरकार को घेर रही है और डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार और प्रशासन को नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
उनका दौरा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के लिए है
अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक
हम सिर्फ जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने आए हैं.
अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- संक्रमण वाले बच्चों का इलाज कहां किया जा रहा है?
- कई बच्चे ऐसे अस्पतालों में भर्ती हैं जिनकी क्षमता वास्तविक आवश्यकता से बहुत कम है।
- पीने के पानी की समस्या का किस तरह असर हो रहा है?
- पीले रंग के पानी से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
- विपक्ष सरकार पर क्या कार्रवाई कर रहा है?
- कांग्रेस डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर रही है।
- अभिजीत दिपके का दौरा किस मकसद से था?
- उन्होंने राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के लिए दौरा किया।
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