सोनम वांगचुक ने CJP के विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, विदेशी फॉलोअर्स कम और आंदोलन में कोई गलत मंशा नहीं
सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर विदेशी समर्थन के आरोपों को खारिज किया और बताया कि उनकी शोेध और एनालिटिक्स के अनुसार, CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में 94 प्रतिशत भारत से हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में विदेशी हस्तक्षेप देखने को नहीं मिला, और उन्होंने CJP का समर्थन करने के दो निर्णय लिए, जिसमें आंदोलन में शामिल होना और गिरफ्तारी की स्थिति में भूख हड़ताल करना शामिल था।
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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की बड़ी संख्या भारत में है और आंदोलन में कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं दिखा।
प्रखर गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक से CJP के फंडिंग और विदेशी संबंधों को लेकर सवाल किए गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई सॉफिस्टिकेटेड रिसर्च सॉफ्टवेयर नहीं चलाया था और खुद कोई विस्तृत या तकनीकी जांच नहीं की। उन्होंने बताया, "शायद वे इतनी सॉफिस्टिकेटेड तरीके से भर्ती करते हैं कि उस व्यक्ति को तब तक पता ही नहीं चलता, जब तक उसकी मौत न हो जाए और 500 साल न बीत जाएं।"
सोनम वांगचुक ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें बताया कि CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की बड़ी संख्या बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में है, लेकिन एनालिटिक्स देखने पर 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत के और केवल 6 प्रतिशत विदेशी थे। जमीन पर दिख रही परिस्थितियों के आधार पर उन्हें विदेशी हस्तक्षेप जैसा कुछ नहीं लगा। उन्होंने कहा, "अगर 30 प्रतिशत फॉलोअर्स विदेशों से और 70 प्रतिशत भारत से होते, तो उन्हें चिंता होती।"
उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि ये लोग किसी विदेशी ताकत के इशारे पर काम कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने दो फैसले लिए, पहला आंदोलन में शामिल होना और दूसरा, यदि गिरफ्तार किया गया तो समर्थन में भूख हड़ताल करना।
सोनम वांगचुक ने बताया कि लद्दाख के एलजी वीके सक्सेना की ओर से की गई टिप्पणी के बाद उन्होंने अभिजीत दीपके से संपर्क किया और 26 दिनों तक भूख हड़ताल की। उन्होंने कहा, "एलजी ने सीजेपी को लेकर 'पाकिस्तान-बांग्लादेश और अमेरिका' वाला आरोप लगाते हुए उन्हें समर्थन नहीं देने को कहा था।"
उन्होंने कहा, "यह युवाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति है" और खुद को उस दौरान ऑनरेरी कॉकरोच भी कहा था, जो अखबारों में छप गया। एक पत्रकार के सवाल पर उन्होंने कहा, "मैंने कोई सॉफिस्टिकेटेड रिसर्च सॉफ्टवेयर नहीं चलाया था" और "जो लोग नेतृत्व करते हैं, उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए।"
सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि किसी ने अपनी शैक्षणिक योग्यता या उपलब्धियों को लेकर बड़े दावे किए हैं और वे गलत साबित होते हैं, तो उनकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवालों पर कहा, "इस बात की और पड़ताल करनी चाहिए।" एलजी वीके सक्सेना ने बाद में ट्वीट कर कड़ी चेतावनी दी कि सीजेपी के समर्थन पर सतर्कता बरती जाए।
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