बिहार में बाढ़ और आकाशीय बिजली से 8 की मौत, मानसून कमजोर
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर थमा, चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बिहार के भागलपुर में बाढ़ और अररिया में आकाशीय बिजली से कुल आठ लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जबकि मौसम विभाग ने कई जिलों में वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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बिहार के भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच और अररिया में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर थम गया है, जबकि चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
मध्य प्रदेश और गुजरात में मौसम
मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम कमजोर हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी क्षेत्र में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, लेकिन उसका प्रदेश में ज्यादा असर नहीं है। आज उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया गया है। गुजरात में दक्षिण गुजरात के लिए येलो अलर्ट है। नवसारी, वलसाड और डांग में 13 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बिहार में मानसून कमजोर, बाढ़ की स्थिति
बिहार के 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, फतेहगढ़, प्रयागराज होते हुए उत्तरी बंगाल की खाड़ी और इसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र से गुजर रही है, जिससे प्रदेश में भारी वर्षा में कमी की संभावना है। पिछले 24 घंटे में पटना के मनेर में 21.6 मिमी और सिवान के महाराजगंज में 68.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम के आंकड़े और चेतावनियां
गुरुवार को पटना समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच तेज धूप निकली और वातावरण में उमस बढ़ी। पटना का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कैमूर में 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मधुबनी में 50 किमी प्रति घंटे की हवा की रफ्तार मापी गई। सात जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी है, जिनमें सुपौल, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं। प्रदेश के कई इलाकों में 20 से 60 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की गतिविधियां कमजोर हो गई हैं और भारी बारिश का दौर थमने लगा है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना, अधिकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बिहार में बाढ़ और आकाशीय बिजली के कारण हुई मौतों के बाद क्या राहत कार्य चल रहे हैं?
- बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राहत कार्य जारी हैं, जिसमें फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है और आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है।
- मध्य प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के बाद नागरिकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
- स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक बाहर न निकलने और तूफानी मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है, साथ ही बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।
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