जम्मू में गीला-सूखा कचरा अलग करने में 60 प्रतिशत घरों ने नहीं किया पालन
नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है
जम्मू शहर में करीब 60 प्रतिशत घर गीला और सूखा कचरा अलग करने के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे कचरा प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। नगर निगम ने इस नियम उल्लंघन पर चालान और जुर्माना लगाने के साथ कचरा अलग करने की जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।
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जम्मू शहर में 75 वार्डों से प्रतिदिन करीब 400 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, लेकिन केवल 40 प्रतिशत आबादी ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर रही है। नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान और जुर्माना जैसी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
जम्मू नगर निगम के अनुसार शहर की आधी से अधिक आबादी कचरा अलग करने के नियमों का पालन नहीं कर रही है। अधिकांश घरों से गीला और सूखा कचरा एक ही डिब्बे या थैली में मिला कर दिया जा रहा है, जिससे कचरे के सुरक्षित निपटान और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
नगर निगम ने बताया कि नियमों के मुताबिक जैविक कचरे को हरे डिब्बे में और प्लास्टिक, कागज, कांच जैसी वस्तुओं को नीले डिब्बे में रखना अनिवार्य है। लेकिन 60 प्रतिशत घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से मिला-जुला कचरा ही एकत्र हो रहा है।
नगर निगम ने समय-समय पर जन-जागरूकता अभियान चलाए हैं, जिनमें नुक्कड़ नाटक, प्रचार वाहन और रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशनों के माध्यम से कचरा अलग करने का महत्व समझाया गया। इसके बावजूद नागरिकों के व्यवहार में अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है।
नगर निगम ने कचरा लेने वाले आटो चालकों को मिश्रित कचरा लेने से मना करने के सख्त निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान और जुर्माना जैसी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
नगर निगम की टीमें ब्लॉक में कचरा बनाने वालों को नोटिस भी दे रही हैं। प्रशासन का मानना है कि तभी शहर की सफाई व्यवस्था में स्थायी सुधार नजर आएगा और जम्मू को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बनाया जा सकेगा।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों को सख्ती से लागू करवाने की दिशा में काम शुरू किया गया है
अब्दुल स्तार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गीला और सूखा कचरा अलग करने के नियम क्या हैं?
- नियमों के अनुसार जैविक कचरे को हरे डिब्बे में और प्लास्टिक, कागज व कांच को नीले डिब्बे में रखना अनिवार्य है।
- जन-जागरूकता अभियान में क्या-क्या शामिल था?
- अभियान में नुक्कड़ नाटक, प्रचार वाहन और रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशनों के माध्यम से वस्तुनिष्ठ जानकारी दी गई।
- नगर निगम कचरा प्रबंधन में सुधार क्यों करना चाहता है?
- नगर निगम का मानना है कि कचरा प्रबंधन सुधार से जम्मू शहर स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बन सकेगा।
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