सवाई माधोपुर में त्रिनेत्र गणेश मेले में स्वच्छता और सेवा पर जोर
जिला प्रशासन ने भंडारों के लिए पुरस्कार और श्रद्धालुओं से स्वच्छता का सहयोग मांगा
सवाई माधोपुर में 14 सितंबर से शुरू होने वाले त्रिनेत्र गणेश मेले में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला प्रशासन भंडारों का मूल्यांकन करेगा और श्रद्धालुओं से मेला परिसर में स्वच्छता बनाए रखने एवं प्रशासनिक नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
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सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर में 14 सितंबर से शुरू हो रहे त्रिनेत्र गणेश जी लक्खी मेले में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला कलेक्टर ने भंडारों के मूल्यांकन और श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का पालन करते हुए अनुशासन व सावधानी के साथ दर्शन करने की अपील की।
मेला 14 सितंबर तक चलेगा और इस दौरान मेला मजिस्ट्रेट, सहायक मेला मजिस्ट्रेट एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेटों के साथ पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा। वन एवं निर्जन क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाने, जलभराव व तेज बहाव वाले स्थानों से आवाजाही न करने की भी अपील की गई है।
भंडारों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा जिसमें परिसर की स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग, भोजन निर्माण एवं वितरण स्थल की स्वच्छता, पेयजल की सुरक्षा, कार्मिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता, जनजागरूकता और श्रद्धालु सुविधाएं शामिल हैं।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक भंडारे के पास संबंधित ग्रामीण अथवा नगरीय निकाय की अनुमति होना अनिवार्य है। जिला प्रशासन द्वारा गठित निरीक्षण दल भंडारों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगा और आवश्यकता अनुसार पूर्व सूचना के बिना भी निरीक्षण किया जाएगा।
श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले भंडारों को प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 11 हजार रुपए, तृतीय पुरस्कार 5100 रुपए और पांच अन्य भंडारों को 1100 रुपए का सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। सभी विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
जिला कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भंडारा स्थलों एवं मेला परिसर में कचरा इधर-उधर न डालें और भोजन एवं प्रसादी के बाद बचा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में डालें। उन्होंने भंडारा संचालकों, सफाई कर्मियों का सहयोग करने और स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
प्रशासन, भंडारा संचालकों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की सामूहिक भागीदारी से त्रिनेत्र गणेश मेला स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकता है।
बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुए गणेश मार्ग की मरम्मत पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी कर दी गई है और अन्य क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत भी प्राथमिकता से कराई गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गणेशधाम मेला कंट्रोल रूम 07462-294100 तथा एसडीएम कार्यालय मेला कंट्रोल रूम 07462-220344 पर सहायता एवं शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
भंडारा श्रद्धालु सेवा एवं परोपकार की समृद्ध परंपरा का हिस्सा है
जिला कलेक्टर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भंडारों का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा?
- मूल्यांकन में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा, कचरा प्रबंधन, पेयजल सुरक्षा जैसे कई मानदंड शामिल हैं।
- त्रिनेत्र गणेश मेले में पुलिस इंतजाम कैसे रहेगा?
- मेले में जिला प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा।
- श्रद्धालु मदद एवं शिकायत कहाँ कर सकते हैं?
- गणेशधाम मेला कंट्रोल रूम या एसडीएम कार्यालय मेला कंट्रोल रूम पर संपर्क कर सकते हैं।
- भंडारा संचालकों के लिए क्या नियम हैं?
- प्रत्येक भंडारे के पास संबंधित निकाय की अनुमति होना अनिवार्य है।
- स्वच्छता बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं से क्या अपील की गई है?
- श्रद्धालु भोजन और प्रसादी के बाद बचा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में डालें।
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