जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी पर 5 रुपए अतिरिक्त शुल्क लगाया
डिलीवरी के वक्त नकद भुगतान करने पर अब बिल में अलग से फीस जुड़ेगी
जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी (COD) पर 5 रुपए अतिरिक्त शुल्क लागू कर दिया है, जो डिजिटल भुगतान पर नहीं लगेगा। यह शुल्क बिल में 'पे ऑन डिलीवरी फीस' के रूप में दिखाया जाएगा और इससे कंपनी को अतिरिक्त आमदनी होने की संभावना है। दूसरी तरफ, स्विगी ने COD पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया है।
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जोमैटो ने अपने फूड ऑर्डर पर कैश ऑन डिलीवरी विकल्प चुनने वाले ग्राहकों से अब 5 रुपए अतिरिक्त शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। यह नया चार्ज बिल समरी में 'पे ऑन डिलीवरी फीस' के नाम से अलग दिखेगा और डिजिटल भुगतान करने वालों पर लागू नहीं होगा।
जोमैटो पर हर दिन करीब 23 से 25 लाख ऑर्डर किए जाते हैं। कंपनी के इस नए शुल्क से उसे प्रतिदिन 1.25 करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। यह शुल्क प्लेटफॉर्म फीस, पैकेजिंग, डिलीवरी चार्ज और जीएसटी से अलग है। जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी ने फिलहाल कैश ऑन डिलीवरी पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया है।
कुछ यूजर्स के बिल में यह फीस 5 रुपए से लेकर 20 रुपए तक अलग-अलग दिखाई दे रही है, लेकिन कंपनी ने अभी तक इसकी गणना का कोई सटीक आधार नहीं बताया है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह शुल्क ऑर्डर की राशि, ग्राहक के स्थान या अन्य मानदंडों पर निर्भर करता है या नहीं।
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की ओर से ऑर्डर पर अलग-अलग शुल्क जोड़ने का सिलसिला नया नहीं है। अप्रैल 2023 में जोमैटो और स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस के रूप में ₹2 से शुरुआत की थी, जो अब ₹14.99 प्रति ऑर्डर (प्लस 18% जीएसटी) तक पहुंच चुकी है। ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियां इन छोटे-छोटे चार्जेस से सालाना ₹3,500 से ₹4,000 करोड़ की कमाई करती हैं।
जोमैटो का यह फैसला देश के क्विक-कॉमर्स और फूड-डिलीवरी सेक्टर में बढ़ते प्रतिस्पर्धा के बीच आया है। नई फंडिंग हासिल करने वाली स्टार्टअप कंपनियों के दबाव के कारण जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों को अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ानी जरूरी हो गई है।
इसके अलावा नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई पेमेंट को आसान बनाने के लिए नए फीचर लॉन्च किए हैं, जिनसे बिना क्यूआर कोड स्कैन किए और पिन डाले फोन को स्वेप मशीन पर टैप कर 5 हजार रुपए तक का भुगतान किया जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जोमैटो का COD शुल्क किस नाम से दिखेगा?
- यह 'पे ऑन डिलीवरी फीस' के नाम से बिल में अलग दिखेगा।
- क्या COD शुल्क ऑर्डर के स्थान या राशि पर निर्भर है?
- सटीक आधार कंपनी ने नहीं बताया, इसलिए निर्भरता स्पष्ट नहीं है।
- जोमैटो और स्विगी का प्लेटफॉर्म फीस कितना है?
- पिछले साल अप्रैल में ₹2 से शुरू होकर अब ₹14.99 प्रति ऑर्डर (प्लस 18% GST) तक पहुंच चुका है।
- फूड डिलीवरी कंपनियां सालाना कितनी कमाई करती हैं?
- छोटे-छोटे शुल्कों से सालाना ₹3,500 से ₹4,000 करोड़ की कमाई होती है।
- NPCI ने यूपीआई पेमेंट के लिए क्या नया किया है?
- बिना QR कोड या पिन के फोन को स्वेप मशीन पर टैप कर 5 हजार रुपए तक भुगतान संभव बनाया है।
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