केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने वीर अब्दुल हमीद के बलिदान दिवस पर जल स्मारक का शिलान्यास किया
गाजीपुर में 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर जल स्मारक बनेगा, वीरता युवाओं के लिए प्रेरणा
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने गाजीपुर के धामूपुर में वीर अब्दुल हमीद और 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर जल स्मारक का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में वीर अब्दुल हमीद की वीरता को याद करते हुए उनके शौर्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर बल दिया गया। इसके साथ ही सैनिकों के सम्मान और देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए।
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वाराणसी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने गाजीपुर के धामूपुर में वीर अब्दुल हमीद के बलिदान दिवस पर 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर जल स्मारक का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह पहला जल स्मारक नई पीढ़ी को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगा। वीर अब्दुल हमीद की वीरता भारतीय सेना के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।
धामूपुर में वीर अब्दुल हमीद की मूर्ति पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। नित्यानंद राय ने कहा कि उनकी शौर्यगाथा आज भी युवाओं में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर रही है। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में 527 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में आरसीएल गन से सात अमेरिकी पैटन टैंक ध्वस्त कर युद्ध की दिशा बदली। उन्होंने दुश्मन के टैंकों के सामने अदम्य साहस दिखाया और साबित किया कि सैनिक का हौसला हथियार से अधिक महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में वीर अब्दुल हमीद के नाम पर ट्रेन चलाने, गाजीपुर में सेना की खुली भर्ती कराने और सैनिक स्कूल खोलने की मांग का पत्रक सौंपा गया। युद्ध से पहले सैनिकों के अंतिम पत्र और संदेश देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित कर नई पीढ़ी को वीरों के त्याग से परिचित कराना जरूरी है।
सरैयां अमरपुर मढ़िया में वीर अब्दुल हमीद फाउंडेशन ने 61वां बलिदान दिवस मनाया, जिसमें करीब 40 लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वीर अब्दुल हमीद के जीवन और शौर्य पर गोष्ठी भी आयोजित हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जल स्मारक का उद्देश्य क्या है?
- यह नई पीढ़ी को देशसेवा और वीरता के लिए प्रेरित करने के लिए बनाया जा रहा है।
- वीर अब्दुल हमीद ने 1965 युद्ध में क्या खास किया था?
- उन्होंने आरसीएल गन से दुश्मन के सात अमेरिकी पैटन टैंकों को नष्ट किया था।
- जल स्मारक स्थापना के अलावा अन्य क्या मांगें की गईं?
- वीर अब्दुल हमीद के नाम पर ट्रेन चलाने, सेना की भर्ती और सैनिक स्कूल खोलने की मांग की गई।
- बलिदान दिवस समारोह में और क्या कार्यक्रम हुए?
- सरैयां अमरपुर मढ़िया में करीब 40 लोगों को सम्मानित किया गया और जीवन-शौर्य पर गोष्ठी हुई।
- युद्ध से पहले सैनिकों के अंतिम पत्र का क्या महत्व है?
- वे देश की अमूल्य धरोहर हैं जिन्हें संरक्षित कर नई पीढ़ी को वीरों के त्याग से परिचित कराना जरूरी है।
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