उदयपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना आज सुबह 8 बजे शुरू
65 वार्डों के लिए 13 राउंड में परिणाम, कुल 80 वार्डों में 220 प्रत्याशी शामिल
उदयपुर नगर निगम चुनाव-2026 की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे आरसीए परिसर में शुरू होगी, जिसमें 65 वार्डों के परिणाम 13 राउंड में आएंगे। इस बार मतगणना प्रक्रिया तेज करने के लिए वार्ड की सभी ईवीएम कंट्रोल यूनिट एक साथ खोली जाएगी। चुनाव में कुल 80 वार्डों के लिए 220 प्रत्याशी मैदान में हैं और मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
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उदयपुर। उदयपुर में नगर निगम चुनाव-2026 की मतगणना सोमवार को आरसीए परिसर में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इस बार मतगणना के पैटर्न में बदलाव किया गया है, जिसमें वार्ड के सभी पार्ट की ईवीएम की कंट्रोल यूनिट एक साथ खोली जाएगी।
मतगणना के नए तरीके के तहत 65 वार्डों के चुनाव परिणाम 13 राउंड में आएंगे। प्रत्येक राउंड में कई वार्डों की ईवीएम एक साथ खोली जाएगी, जिससे पूरे शहर के परिणाम आने में करीब एक घंटा लगेगा। पहले की तुलना में यह प्रक्रिया तेज होगी, क्योंकि 2019 में वार्डवार अलग-अलग टेबल पर एक-एक ईवीएम खोली जाती थी।
मतगणना में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को रविवार को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्याशियों के अनुसार उनके पोलिंग एजेंट 11 घंटे से अधिक समय मतदान बूथों पर रहे, लेकिन उनके पुलिस वेरिफिकेशन का प्रावधान नहीं था। इसके विपरीत, मतगणना स्थल पर पुलिस की बड़ी संख्या में मौजूदगी रहती है, जबकि काउंटिंग एजेंट्स को महज एक घंटे से कम समय ठहरना होता है।
नगरपरिषद के निर्वाचन अधिकारी अभिषेक जैन ने बताया कि परिणाम के तुरंत बाद ईवीएम का डीएमएमटी डेटा कार्ड सील किया जाएगा, जबकि पहले कंट्रोल यूनिट को सील किया जाता था। इससे चुनौती याचिका की समयावधि के दौरान कंट्रोल यूनिट छह माह तक सुरक्षित रखी जाती थी।
मतगणना के राउंड इस प्रकार होंगे: पहले में वार्ड 1 से 5, दूसरे में 6 से 10, तीसरे में 11 से 15, चौथे में 16 से 22, पांचवें में 23 से 28, छठे में 29 से 33, सातवें में 34 से 37, आठवें में 38 से 42, नौवें में 43 से 47, दसवें में 48 से 51, ग्यारहवें में 53 से 56, बारहवें में 57 से 62 और तेरहवें में 63 से 65 के मतगणना होगी।
इस चुनाव में कुल 80 वार्डों के लिए 220 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 80 विजेता पार्षद घोषित होंगे। भाजपा ने लगातार सातवीं बार निगम बोर्ड पर कब्जा बनाए रखने की तैयारी की है। भाजपा के सभी 80 प्रत्याशी बाड़ेबंदी में हैं, जो मेयर चुनाव तक जारी रहेगी। हारने वाले प्रत्याशियों को मुक्त कर दिया जाएगा।
भाजपा को अपनों की बगावत का डर है, इसलिए वह प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर नहीं लाएगी। मेयर चुनाव के समय ही पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी, ताकि वे मेयर और डिप्टी मेयर के लिए मतदान कर सकें।
अगर भाजपा और कांग्रेस के विजेता पार्षदों के बीच अंतर 5 से 10 सीटों का रहा तो निर्दलीय और अन्य दलों के 5 से 8 पार्षदों की मांग बढ़ेगी। दोनों दल एक-दूसरे के पार्षदों को तोड़ने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस की अंदरखाने बाड़ेबंदी की तैयारी भी हो चुकी है।
औसतन दो पार्षदों की सुरक्षा के लिए एक बाउंसर तैनात करने की योजना है। भाजपा में मेयर पद के लिए प्रमोद सामर, पारस सिंघवी, दिनेश भट्ट, अतुल चंडालिया, महेंद्र सिंह शेखावत, यशवंत आंचलिया और आकाश वागरेचा के बीच प्रतिस्पर्धा है। कांग्रेस में हितांशी शर्मा, पूनम राठौड़ और अरुण टांक के बीच मेयर या नेता प्रतिपक्ष बनने की जंग है।
कुछ नेताओं के सियासी गठजोड़ के सहारे मेयर पद हासिल करने की कोशिशें चल रही हैं, जिसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को है और क्षेत्रीय नेताओं से अपडेट ली जा रही है। भाजपा में दावेदारों के विरोध के कारण संघ विचारधारा के किसी निर्विवाद और चुनाव न लड़ने वाले चेहरे को मेयर बनाने का विकल्प भी खुला है, जिसके बाद एक सीट खाली कर उसे पार्षद बनाया जा सकता है।
मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस, भीड़ एकत्र करना, वाहनों के काफिले, पटाखे-आतिशबाजी और उत्तेजक नारेबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
मतगणना में किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल के पार्षदों की गैर-मौजूदगी से परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 37 के तहत चुनाव जीतने के बाद हर प्रत्याशी को रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मतगणना में कर्मचारियों को कब प्रशिक्षण दिया जाएगा?
- मतगणना में लगे सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को मतदान से एक दिन पहले, यानी रविवार को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
- मतगणना स्थल पर पुलिस की मौजूदगी कैसी होगी?
- मतगणना स्थल पर पुलिस की बड़ी संख्या में मौजूदगी होगी, जबकि काउंटिंग एजेंट्स को कम समय के लिए रखा जाता है.
- मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस में कौन-कौन दावेदार हैं?
- भाजपा में प्रमोद सामर, पारस सिंघवी, दिनेश भट्ट सहित कई दावेदार हैं, जबकि कांग्रेस में हितांशी शर्मा, पूनम राठौड़ और अरुण टांक मेयर या नेता प्रतिपक्ष बनने की जंग लड़ रहे हैं.
- मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए क्या व्यवस्था है?
- जिला निर्वाचन अधिकारी ने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं, जिससे विजय जुलूस, भीड़ एकत्र करना और पटाखे फोड़ना प्रतिबंधित रहेगा.
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