बद्रीनाथ में तप्त कुंड में डुबकी लगाते दो बहनों की मौत
भीलवाड़ा की 71 और 73 साल की महिला श्रद्धालु संकल्प के दौरान बेहोश हुईं
राजस्थान के भीलवाड़ा की दो बहनें, रामु देवी और प्रेम देवी, बद्रीनाथ के तप्त कुंड में 108 डुबकियां लगाने के दौरान बेहोश होकर मौत हो गईं। यह घटना श्रद्धालुओं के एक दल के बीच हुई, जो वहां धार्मिक संकल्प पूरा करने आए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा की दो महिला श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम के तप्त कुंड में स्नान के दौरान बेहोश होकर गिर गईं और उनकी मौत हो गई। यह घटना 108 डुबकी लगाने के संकल्प के दौरान हुई। दोनों बहनें संकल्प पूरा कर रही थीं।
जानकारी के अनुसार, 4 सितंबर से राजस्थान से 100 से अधिक श्रद्धालुओं का एक दल बद्रीनाथ धाम में था। शुक्रवार को चार महिला श्रद्धालु तप्त कुंड में 108 डुबकी लगाने के संकल्प के साथ स्नान करने पहुंचीं। इसी दौरान 71 साल की रामु देवी और 73 साल की प्रेम देवी अचानक बेहोश होकर कुंड में गिर गईं।
मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को कुंड से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान रामु देवी (पत्नी अमरचंद शर्मा) और प्रेम देवी (पत्नी मदन शर्मा) के रूप में हुई है।
इसी दौरान कुंड में स्नान कर रही भगवती देवी और सोहनी देवी स्वस्थ हैं। बताया गया कि श्रद्धालु रोज तप्त कुंड में स्नान के बाद भगवान बदरीविशाल के दर्शन करते थे। घटना के समय मृत महिलाओं के परिवार के सदस्य मंदिर में दर्शन के लिए गए हुए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- तप्त कुंड में स्नान क्यों किया जाता है?
- श्रद्धालु तप्त कुंड में स्नान करके धार्मिक संकल्प पूरा करते हैं और भगवान बदरीविशाल के दर्शन करते हैं।
- मृतकों का इलाज कहां किया गया?
- मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों महिलाओं को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
- घटना के समय परिवार के सदस्य कहां थे?
- घटना के समय मृतकों के परिवार के सदस्य मंदिर में दर्शन के लिए गए हुए थे।
- शेष महिला श्रद्धालु कैसे हैं?
- इसी दौरान कुंड में स्नान कर रही भगवती देवी और सोहनी देवी पूरी तरह से स्वस्थ थी।
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