नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा
भारत की अध्यक्षता में दो दिन तक चलेगा सम्मेलन, सुरक्षा और यातायात की तैयारियां पूरी
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें सदस्य देशों के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता शामिल होंगे। सुरक्षा के तहत 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और तTraffic व्यवस्थाएं सख्त की गई हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी पहली बार लंबे समय बाद इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें सदस्य देशों के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। राजधानी में सुरक्षा, यातायात और स्वागत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन दोपहर 2 बजे सदस्य देशों के नेता भारत मंडपम के लेवल 2 पर पहुंचेंगे। इसके बाद बंद सत्र शुरू होगा जो भारत मंडपम के लेवल 2 स्थित सभागार में आयोजित किया जाएगा। शाम 4:25 बजे 'भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी का आयोजन हॉल 14 में होगा। इसके बाद सदस्य देशों के नेता बाहरी लॉन में सामूहिक तस्वीर के लिए एकत्रित होंगे। पांच मिनट बाद शाम 5:10 बजे पौधारोपण कार्यक्रम भी वहीं होगा।
पहले दिन के कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रात्रिभोज के साथ समाप्त होंगे। इसके बाद शिखर सम्मेलन का खुला सत्र आयोजित होगा। सम्मेलन की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊपन के जरिए समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य को आकार देना है। इसे 'रिजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' के रूप में समझा गया है।
सुरक्षा के लिए करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। एयरपोर्ट, 11 होटलों और भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं और मॉक ड्रिल लगातार हो रही हैं। विदेशी नेताओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष रूट बनाए गए हैं, जिन पर रूट रिहर्सल भी की गई है। रूस और चीन के नेताओं के काफिलों के लिए विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की गई है।
सम्मेलन के दौरान 11 से 13 सितंबर तक 35 से अधिक सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा। 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं। वीआईपी काफिलों के गुजरने पर कुछ रास्तों पर यातायात थोड़ी देर के लिए रोका जा सकता है। यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और ट्रैफिक की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए 11 सितंबर को दिल्ली में स्कूल और कुछ सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सुनवाई 12 सितंबर से 10 अक्टूबर के लिए पुनर्निर्धारित की गई है।
ब्रिक्स अध्यक्षता का लोगो परंपरा और आधुनिकता के मेल को दर्शाता है। इसके केंद्र में कमल है जो पवित्रता, लचीलापन और प्रगति का प्रतीक है। कमल की पंखुड़ियों में सभी सदस्य देशों के जीवंत रंग शामिल हैं, जो सामूहिक शक्ति और एकता को दर्शाते हैं। केंद्र में 'नमस्ते' का भाव भारत की गर्मजोशी और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होंगे। पुतिन की यह एक साल से कम समय में दूसरी भारत यात्रा होगी जबकि जिनपिंग की यह सात साल में पहली भारत यात्रा है। उनकी मौजूदगी भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम क्या है?
- थीम है लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊपन के जरिए समावेशी वैश्विक विकास को आकार देना।
- सुरक्षा के लिए कौन-कौन सी तैयारियां की गई हैं?
- एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं और मॉक ड्रिल लगातार हो रही हैं। विदेशी नेताओं के लिए विशेष रूट बनाए गए हैं।
- ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन क्या कार्यक्रम होंगे?
- दोपहर 2 बजे नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे, बंद सत्र होगा, शाम 4:25 बजे 'भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी और पौधारोपण कार्यक्रम होंगे।
- ब्रिक्स अध्यक्षता का लोगो क्या दर्शाता है?
- लोगो परंपरा और आधुनिकता का मेल है, जिसमें कमल और 'नमस्ते' का भाव शामिल है जो भारत की गर्मजोशी और सहयोग दर्शाता है।
- रूस और चीन के नेताओं की भारत यात्रा का महत्व क्या है?
- पुतिन की यह दूसरी भारत यात्रा है जबकि जिनपिंग की सात साल में पहली, जो भारत-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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