थलपति विजय ने विधानसभा में किया विवादित इशारा, दी सफाई
मुख्यमंत्री विजय ने कहा, उनका हावभाव अनजाने में था, किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं
तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री थलपति विजय के एक शारीरिक इशारे को लेकर विवाद हुआ, जिसे विपक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर संकेत मानकर आपत्तिजनक बताया। विजय ने ट्वीट कर कहा कि उनका वह इशारा अनजाने में हुआ और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। विधानसभा अध्यक्ष ने डीएमके की मांग को खारिज करते हुए विजय की टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने से इंकार कर दिया।
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तमिलनाडु विधानसभा में 7 सितंबर को मुख्यमंत्री थलपति विजय के भाषण के दौरान किए गए इशारे ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया।
विवादित इशारा और आरोप
विजय ने विधानसभा में पुलिस विभाग की अनुदान मांग पर जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके परिवार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के ठेकेदारों से पार्टी फंड के नाम पर कमीशन लिया गया। इस दौरान उन्होंने अपने दाहिने हाथ की हथेली को जबड़े पर रखा, जिसे विपक्ष ने स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा मानकर 'बॉडी शेमिंग' बताया। डीएमके विधायकों ने हंगामा किया और सदन से बाहर चले गए।
सफाई और प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विजय ने ट्विटर पर लिखा कि उनका हावभाव जानबूझकर नहीं था और इसे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से न देखा जाए। उन्होंने कहा, "भाषण के दौरान हुई बॉडी लैंग्वेज अनजाने में सामने आई थी और किसी की व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था।" विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने डीएमके की मांग को खारिज कर दिया कि विजय की टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाया जाए।
उनका शारीरिक हावभाव अनजाने में हुआ और इसका मकसद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की भावनाएं आहत करना नहीं था
मुख्यमंत्री विजय
किसी व्यक्ति के शारीरिक रूप-रंग का मजाक उड़ाना निंदनीय है और मुख्यमंत्री की ओर से ऐसा किया जाना गैर-जिम्मेदाराना है
शनमुगम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुख्यमंत्री विजय ने विवादित इशारे के बाद क्या बयान दिया?
- विजय ने ट्विटर पर बताया कि उनका हावभाव अनजाने में था और उनका कोई इरादा किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था।
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