तेलंगाना में छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति का 15 हजार करोड़ रुपये बकाया
BJP ने सरकार से बकाया भुगतान तुरंत करने की मांग की, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
तेलंगाना में छात्रों की लंबित फीस प्रतिपूर्ति का बकाया 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसे लेकर भाजपा ने राज्य सरकार से तत्काल भुगतान की मांग की है। भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव ने कहा कि कांग्रेस और बीआरएस सरकारों के दौरान यह बकाया बढ़ा है और यदि भुगतान नहीं हुआ तो भाजपा आंदोलन तेज करेगी।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव ने राज्य सरकार से छात्रों की लंबित फीस प्रतिपूर्ति राशि 15 हजार करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ तो भाजपा अपना आंदोलन और तेज करेगी।
रामचंदर राव ने बताया कि पिछली बीआरएस सरकार के अंतिम दो वर्षों में ही फीस प्रतिपूर्ति का बकाया 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद यह बकाया और बढ़कर करीब 10 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने बीआरएस सरकार के कार्यकाल में भी फीस प्रतिपूर्ति के बकाये का मुद्दा उठाया था और अब कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को यह याद दिला रहे हैं।
रामचंदर राव ने कहा, "सरकार को भाजपा को दोष देने के बजाय छात्रों की बकाया फीस प्रतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा देना चाहिए। हम मांग कर रहे हैं कि यह सरकार छात्रों का बकाया तुरंत चुकाए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीआरएस दोनों दल जानबूझकर फीस प्रतिपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा से बच रहे हैं, जिससे जनता का पैसा और विधानसभा का समय बर्बाद हो रहा है।
गुरुवार को रामचंदर राव ने तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी कांग्रेस और बीआरएस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी बीआरएस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में उलझे हुए हैं और महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं होने दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विधानसभा का मानसून सत्र बिना महत्वपूर्ण कामकाज के चल रहा है क्योंकि दोनों दल सदन के अंदर और बाहर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाजपा ने फीस प्रतिपूर्ति की लंबित राशि के लिए क्या कदम उठाए हैं?
- भाजपा ने राज्य सरकार को बकाया भुगतान का तत्काल आदेश देते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
- फीस प्रतिपूर्ति के मुद्दे पर कांग्रेस और बीआरएस का रवैया क्या है?
- दोनों दल चर्चा से बच रहे हैं, जिससे संसद का समय और जनता का पैसा व्यर्थ हो रहा है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.