सहारनपुर मस्जिद मामले में 500 वकीलों का पैनल बनाएगा रणनीति
मुतवल्ली तनवीर अहमद ने मुकदमे की गलत प्रक्रिया पर सवाल उठाए
सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में मुस्लिम समाज और लगभग 500 वकीलों का पैनल हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई के लिए रणनीति बनाएगा। मुतवल्ली तनवीर अहमद ने कहा कि मुकदमा उनके खिलाफ गलत आधार पर चलाया गया है और वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी एवं सुरक्षा बढ़ाई गई है।
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सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मुतवल्ली तनवीर अहमद ने कहा है कि इस मामले में मुस्लिम समाज और वकीलों का बड़ा पैनल कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाएगा। करीब 500 वकीलों की सलाह के बाद हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल करने की रणनीति तय होगी।
तनवीर अहमद ने बताया कि मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज थी, लेकिन मुकदमा उनके खिलाफ उनके मुतवल्ली पद के आधार पर चलाया गया जबकि न तो बैंक खाते में उनका नाम है और न ही वक्फ रिकॉर्ड में। उन्होंने कहा, "अधिकारियों ने मुतवल्ली के खिलाफ मुकदमा चला दिया, जबकि कार्रवाई मस्जिद से संबंधित विवाद के आधार पर होनी चाहिए थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि मुकदमे में वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाया गया, जो वक्फ संपत्तियों के सर्वे और प्रक्रियाओं का जिम्मेदार है।
तनवीर अहमद ने बताया कि पुराने मुतवल्ली ने पोस्ट ऑफिस से एग्रीमेंट किया था और मस्जिद रजिस्टर्ड थी। उन्होंने कहा कि मुकदमे में उनके नाम से चल रहे हैं, लेकिन इस आधार पर सवाल उठता है कि उन्हें मुतवल्ली मानने का आधार क्या था।
उन्होंने कहा, "पहले 24 वकीलों का पैनल बताया गया था, अब करीब 500 वकील इस मामले में सलाह देंगे।" उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट में पूरे मामले के दस्तावेज और आदेश पेश किए जाएंगे और न्याय मिलेगा।
तनवीर अहमद ने कहा कि वे न्यायपालिका पर सीधे कटाक्ष नहीं करना चाहते क्योंकि वे खुद कानून के रखवाले हैं, लेकिन मौजूदा फैसले से उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज और वकीलों का बड़ा पैनल कानूनी लड़ाई की अगली रणनीति तय करेगा।
सहारनपुर मस्जिद के अवैध हिस्से के ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने जुमे की नमाज से एक दिन पहले गुरुवार शाम फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था पर असर डालने वाली किसी भी कोशिश पर नजर रखी जा रही है और सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग भी जारी है। ड्रोन कैमरों से निगरानी के साथ पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुतवल्ली तनवीर अहमद ने मुकदमे को लेकर क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि मुकदमा उनके मुतवल्ली पद के आधार पर चलाया गया जबकि उनके नाम बैंक खाते या वक्फ रिकॉर्ड में नहीं था।
- पुलिस किस तरह की निगरानी कर रही है?
- पुलिस सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और ड्रोन कैमरों से संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही है।
- मुस्लिम समाज की भूमिका क्या है इस मामले में?
- मुस्लिम समाज और वकीलों का बड़ा पैनल कानूनी लड़ाई की अगली रणनीति तय करेगा।
- क्या तनवीर अहमद ने न्यायपालिका पर कोई टिप्पणी की?
- उन्होंने सीधे न्यायपालिका पर कटाक्ष नहीं किया, लेकिन कहा न्याय उन्हें वर्तमान फैसले से नहीं मिला।
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