2025 में LAC पर PLA की तैनाती में कमी, भारत की तैयारी मजबूत
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में सीमा पर सैनिकों की संख्या घटने और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार का संकेत
2025 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में लगभग 50,000 सैनिकों की कमी आई है। भारत ने सीमा पर अपनी तैयारियों को मजबूत किया है और बॉर्डर पर स्थिरता बढ़ी है। राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों के तहत भारत और चीन के बीच संवाद जारी है।
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नई दिल्ली। अगस्त 2026 में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में बैठक हुई। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में महत्वपूर्ण कमी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तीन मुलाकातें हो चुकी हैं।
चीन की सैन्य तैनाती में कमी
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, LAC से लगे इलाकों और पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में तैनात 10-10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड स्तर की सैन्य टुकड़ियों को कम किया गया है। एक संयुक्त हथियार ब्रिगेड में करीब 5,000 सैनिक होते हैं, जिससे अनुमानित 50,000 सैनिकों की संख्या में कमी आई है। हालांकि, यह संख्या LAC और प्रशिक्षण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन की सैन्य क्षमता और बुनियादी ढांचा अभी भी मजबूत हैं।
भारतीय सेना की स्थिति और सीमा पर स्थिरता
मंत्रालय के अनुसार, सीमा पर सकारात्मक घटनाक्रम हुए हैं और स्थिरता बढ़ी है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति सेना के लगातार प्रयासों से नियंत्रण में है। 2025 में पत्थरबाजी की कोई घटना नहीं हुई और सीजफायर के मामले बढ़े। सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स सौहार्दपूर्ण माहौल में जारी हैं।
राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयास
अगस्त 2026 में भारत के विशेष प्रतिनिधि अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास जारी रखने पर सहमति जताई। अक्टूबर 2024 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तीन मुलाकातें हुई हैं। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में चीन यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार को मजबूती मिली।
सैन्य बुनियादी ढांचे में प्रगति
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में सीमा सड़क संगठन के काम का उल्लेख है, जिसमें ऊंचाई वाले और सामरिक रूप से संवेदनशील इलाकों में ऑल-वेदर कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए सुरंगों और अन्य बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम किया गया है। पूर्वी लद्दाख के मुध-न्योमा एयरफील्ड का कमीशन होना भारत की वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करता है।
एलएसी के सभी सेक्टरों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत, अच्छी स्थिति में और किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए तैयार रही
रक्षा मंत्रालय, अधिकारियों
इस साल भारत की उत्तरी सीमाओं के सामने पीएलए की तैनाती में काफी कमी देखी गई
रक्षा मंत्रालय, अधिकारियों
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अगले कदम क्या होंगे सीमा विवाद के समाधान के लिए?
- भारत और चीन दोनों पक्ष सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान की दिशा में संवाद और कूटनीतिक प्रयास जारी रखने पर सहमत हैं।
- LAC पर स्थिरता कैसे बनी हुई है?
- सीमा पर लगातार बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स और सुरक्षा बलों के प्रयासों से स्थिरता बनी हुई है और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं नहीं हुई हैं।
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