रांची हाई कोर्ट ने सड़क हादसे में मुआवजा बढ़ाकर 32.72 लाख किया
26 साल पुराने मामले में विमल की लापरवाही साबित न होने पर मुआवजा बढ़ाया गया
रांची हाई कोर्ट ने 26 साल पुराने सड़क हादसे के मामले में मृतक विमल लकड़ा के आश्रितों को मुआवजा 10.60 लाख से बढ़ाकर 32.72 लाख रुपये किया है। अदालत ने यात्री की लापरवाही साबित न होने पर बीमा कंपनी को मुआवजा भुगतान का आदेश दिया और आश्रितों को बराबर हिस्सा देने को कहा। मुआवजे पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लागू होगा।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
रांची हाई कोर्ट ने 26 साल पुराने सड़क हादसे के मामले में मृतक विमल लकड़ा के आश्रितों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने मुआवजे की राशि 10.60 लाख से बढ़ाकर 32.72 लाख रुपये कर दी है।
मारुति कार को विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी थी, जिसमें कार चालक विमल लकड़ा की मौके पर ही मौत हो गई थी। निचली अदालत ने दोनों चालकों की 60:40 अनुपात में साझा लापरवाही मानते हुए 10.60 लाख रुपये मुआवजा तय किया था।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए विमल की लापरवाही साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है। बीमा कंपनी भी इस लापरवाही को साबित नहीं कर सकी। अदालत ने मारुति की बीमा पालिसी को व्यापक पैकेज माना और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को मुआवजे के लिए उत्तरदायी ठहराया।
अदालत ने विमल की आश्रित पत्नी और चार बेटियों को मुआवजे में बराबर हिस्सा देने का निर्देश दिया है। बीमा कंपनी को आठ सप्ताह में राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। मुआवजे पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा, जो दावा याचिका दाखिल करने की तिथि से लागू होगा। छह माह में भुगतान नहीं होने पर ब्याज आठ प्रतिशत हो जाएगा।
अदालत ने 28 अगस्त को मामले की सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुआवजा किसे दिया जाएगा?
- मुआवजा विमल लकड़ा की पत्नी और चार बेटियों को बराबर बांटा जाएगा।
- निचली अदालत ने मुआवजे की राशि कैसे तय की थी?
- निचली अदालत ने दोनों चालकों की 60:40 अनुपात में साझा लापरवाही मानते हुए मुआवजा तय किया था।
- हाई कोर्ट ने लापरवाही के बारे में क्या निर्णय लिया?
- हाई कोर्ट ने विमल लकड़ा की लापरवाही साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं पाया।
- मामले का आदेश कब सुरक्षित रख लिया गया था?
- मुकदमे का आदेश 28 अगस्त को सुनवाई के बाद सुरक्षित रख लिया गया था।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.