पीएम मोदी ने ब्रिक्स व्यापार बाधाएं दूर करने पर जोर दिया
मोदी ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने को अहम बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में वैश्विक व्यापार बढ़ाने के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया और ब्रिक्स देशों को शीर्ष दस व्यापार बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने ब्रिक्स के आर्थिक योगदान और विस्तार के साथ-साथ नए कारोबारी साझेदारियों और सहयोग के रास्ते खोलने पर भी बात की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में वैश्विक व्यापार बढ़ाने के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को शीर्ष दस व्यापार बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करना होगा।
मोदी ने मंच से कहा कि दुनिया में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन भारत पुल का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स दुनिया की कुल जीडीपी में 40 प्रतिशत योगदान देता है, जबकि जी-7 का हिस्सा केवल 29 प्रतिशत है। उन्होंने ब्रिक्स के विस्तार और सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बल दिया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भी मंच पर मौजूद थे। पुतिन ने ब्रिक्स की आर्थिक ताकत पर जोर दिया, जबकि पेजेश्कियन ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने की मांग की ताकि कोई देश दूसरे के वित्तीय कामकाज पर प्रतिबंध न लगा सके।
मोदी ने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी बढ़ेगा जब समुद्री मार्ग सुरक्षित होंगे, आपूर्ति मार्ग खुले रहेंगे और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव और काला सागर में रूस-यूक्रेन युद्ध से ऊर्जा, उर्वरक और खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसमें कई भारतीय नाविकों की मौत भी हुई है।
उन्होंने ब्रिक्स देशों से कहा कि वे दस सबसे बड़ी कारोबारी बाधाओं की रिपोर्ट तैयार करें, हर साल सौ स्टार्टअप को दूसरे ब्रिक्स बाजारों तक पहुंचाएं और एक हजार नई कारोबारी साझेदारी स्थापित करें। मोदी ने आर्कटिक और उत्तर-दक्षिण गलियारे समेत सहयोग के नए रास्ते खोलने की बात कही।
मोदी ने याद दिलाया कि 2006 में ब्रिक्स में चार देश थे, अब यह परिवार 21 देशों का हो गया है, जो विश्व की आधी आबादी, 40 प्रतिशत जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक व्यापार समेटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि का आधा से अधिक हिस्सा ब्रिक्स से आया है।
ईरान के राष्ट्रपति ने मौजूदा वित्तीय व्यवस्था की कमजोरियों को बताया और ब्रिक्स संयुक्त पुनर्बीमा कंपनी के लिए 10 अरब डॉलर पूंजी का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था हो जिसमें कोई देश दूसरे का वैध व्यापार रोक न सके।
भारत ने 2014 के बाद करीब 40 देशों से मुक्त व्यापार समझौते किए हैं और ब्रिक्स में भी भारत का रुख बाधाएं घटाने और कारोबार बढ़ाने का है। मोदी ने यह संकेत भी दिए कि रूस ब्रिक्स के विस्तार के प्रस्ताव का समर्थन करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स व्यापार में किस प्रकार की सुरक्षा पर जोर दिया?
- उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्वतंत्रता, और नाविकों की सुरक्षा की अहमियत बताई।
- ब्रिक्स के विस्तार का वर्तमान स्वरूप क्या है?
- ब्रिक्स अब 21 देशों का समूह है जो दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
- ईरान के राष्ट्रपति ने ब्रिक्स के आर्थिक सहयोग के लिए क्या प्रस्ताव रखा?
- उन्होंने ब्रिक्स संयुक्त पुनर्बीमा कंपनी के लिए 10 अरब डॉलर पूंजी लगाने का सुझाव दिया।
- भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों में क्या प्रगति की है?
- 2014 के बाद भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
- ब्रिक्स के व्यापार बाधाएं दूर करने के लिए मोदी ने क्या लक्ष्यों का उल्लेख किया?
- हर साल सौ स्टार्टअप को दूसरे ब्रिक्स बाजारों तक पहुंचाना और एक हजार नई कारोबारी साझेदारी स्थापित करना शामिल है।
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