ब्रिटेन में तकनीकी खराबी से 300 से अधिक उड़ानें रद्द
नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज के सिस्टम फेल होने से यूरोप के कई एयरपोर्ट प्रभावित
ब्रिटेन में नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को 300 से अधिक उड़ानें रद्द और सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई। यह समस्या हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर समेत कई प्रमुख एयरपोर्टों पर असर डाल रही है और कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को करीब 300 उड़ानें रद्द हो गईं और सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई। नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज ने बताया कि सिस्टम में आई खराबी से उड़ानों के टेकऑफ पर असर पड़ा।
कंपनी के मुताबिक, सिस्टम की खराबी के कारण पूरे यूरोप में उसकी उड़ानों में देरी हुई। फ्लाइट मॉनिटरिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 की रिपोर्ट में बताया गया कि ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, केएलएम और लुफ्थांसा समेत कई एयरलाइंस की फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।
गैटविक एयरपोर्ट पर करीब 250 उड़ानों में देरी हुई, जो एयरपोर्ट की कुल उड़ानों का लगभग 31 फीसदी है। वहीं हीथ्रो एयरपोर्ट पर करीब 100 उड़ानें रद्द हुईं और 367 उड़ानों में देरी हुई। डबलिन एयरपोर्ट ने भी ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों में रुकावट की चेतावनी दी।
ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज ने बताया कि उनके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे विमानों के टेकऑफ प्रभावित हुए। हीथ्रो एयरपोर्ट ने कहा कि वह NATS के साथ मिलकर समस्या को हल करने में जुटा है।
इस तकनीकी खराबी का असर लंदन के फ्लाइट इंफॉर्मेशन क्षेत्र पर पड़ा और हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट प्रभावित हुए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ल्यूटन, बर्मिंघम, एबरडीन, ग्लासगो और एडिनबर्ग जैसे अन्य एयरपोर्ट भी प्रभावित हुए।
फ्लाइटरडार24 ने बताया कि ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, केएलएम और लुफ्थांसा समेत कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट पर आने वाली फ्लाइट्स पर इसका असर नहीं दिखा।
2023 में NATS के बड़े सिस्टम फेल होने के तीन साल बाद भी हालात नहीं बदले हैं, नील मैकमोहन ने कहा। ब्रिटिश एयरवेज ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई खराबी उसके पूरी तरह नियंत्रण से बाहर थी और वह स्थिति ठीक करने की कोशिश कर रही है।
रयानएयर एयरलाइन ने NATS के सीईओ मार्टिन रोल्फे से इस्तीफा देने की मांग की है। कंपनी के मुताबिक, सिस्टम फेल होने से उसके 65 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें।
यह NATS से जुड़ी पहली बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है। 2024 में फ्लाइट प्लान प्रोसेसिंग सिस्टम में खराबी के बाद भी ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित हुई थीं। उस घटना के बाद विमानन नियामक ने NATS से आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा था।
पिछले साल जुलाई में रडार से जुड़ी एक तकनीकी समस्या के कारण भी हीथ्रो समेत कई एयरपोर्ट पर चार घंटे से अधिक समय तक उड़ानें प्रभावित हुई थीं।
कतर के दोहा से बेंगलुरु आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट के पायलट की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसे मेडिकल इमरजेंसी के बीच सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
एयरपोर्ट पर अचानक हड़कंप मचा और स्टाफ के लोग इधर-उधर दौड़ने लगे। डिस्प्ले बोर्ड और यात्रियों के मोबाइल पर लगातार 'फ्लाइट कैंसिल' का संदेश दिखा।
यह समस्या उड़ानों के टेकऑफ पर असर डाल रही थी
एयर ट्रैफिक सर्विसेज
उसकी कुछ फ्लाइट्स ऑपरेट नहीं हो सकीं
बजट एयरलाइन ईजीजेट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इस तकनीकी खराबी का प्रभाव किन एयरपोर्टों पर सबसे ज्यादा दिखा?
- यह खराबी लंदन के हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड और अन्य प्रमुख एयरपोर्टों पर भारी प्रभावी रही।
- यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी एयरलाइन की फ्लाइट स्थिति जरूर जांच लें।
- क्या इस तरह की खराबी पहली बार हुई है?
- नहीं, 2023 और 2024 में भी NATS के सिस्टम फेल होने से उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं।
- रयानएयर ने क्या कदम उठाया है इस घटना के बाद?
- रयानएयर ने सिस्टम फेल होने के बाद NATS के सीईओ मार्टिन रोल्फे से इस्तीफा देने की मांग की है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद





Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.