रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका में मजबूत साझेदारी पर जोर दिया
तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने द्विपक्षीय सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को अहम बताया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर श्रीलंका के कोलंबो पहुंचे और भारत-श्रीलंका के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर दिया। इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा के सहयोग के लिए तीन द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और संकट की स्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की बात कही।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे।
राजनाथ सिंह ने भारतीय प्रवासी समुदाय से बातचीत में भारत-श्रीलंका के बीच मजबूत साझेदारी और आपसी मित्रता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत ने 38 देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें आठ प्रमुख देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और वैश्विक मंच पर उसकी बात को दुनिया अधिक गंभीरता से सुनती है। रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति भारत की बढ़ती क्षमताओं का प्रमाण है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने भारत से वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि का जिक्र किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंध रहे हैं। उन्होंने श्रीलंका को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'महासागर' पहलों के तहत सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक बताया।
रक्षा और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कोलंबो पहुंचे राजनाथ सिंह का बंदरानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अरुण जयसेकरा ने स्वागत किया।
मंत्री विजिथा हेराथ ने बताया कि सिंह की यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका तीन द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे, जिनमें से एक हवाई रक्षा सहयोग से संबंधित है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत का मकसद आपसी संबंधों को मजबूत करना और रक्षा व समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
संकट की किसी भी परिस्थिति में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राजनाथ सिंह ने भारत-श्रीलंका रिश्तों को क्यों अहम बताया?
- उन्होंने इसे लंबी सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत साझेदारी के रूप में देखा।
- भारत की अर्थव्यवस्था में क्या परिवर्तन हो रहे हैं?
- अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और वैश्विक मंच पर उसकी बात को अधिक गंभीरता से सुना जा रहा है।
- भारत और श्रीलंका के बीच किस प्रकार के समझौते होंगे?
- तीन द्विपक्षीय समझौते होंगे जिनमें हवाई रक्षा सहयोग भी शामिल है।
- इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत करना और रक्षा व समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाना है।
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