अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर किया हमला, विमानन क्षेत्र पर प्रतिबंध
ईरान ने अमेरिकी बेस पर मिसाइल दागी, तेल टैंकरों को चेतावनी दी
अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े हैं, और ईरान के विमानन क्षेत्र की 36 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह कार्रवाई अमेरिका पर हुए मिसाइल हमलों के जवाब में की गई है, और क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है। यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर मिसाइल हमलों के जवाब में की गई। साथ ही अमेरिका ने ईरान के विमानन क्षेत्र की 36 संस्थाओं पर प्रतिबंध भी लगाया है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया था। इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने खारग द्वीप एंकरेज के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया, जहां चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया।
कुछ देर बाद जास्क काउंटी के तटीय जलक्षेत्र में एक कमर्शियल जहाज पर भी हमला हुआ, जबकि इलाके में एक और धमाके की खबर आई जिसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि किसी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा।
ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने बहरीन और कुवैत के बंदरगाहों पर मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को चेतावनी दी है कि वे तुरंत अपने जहाज छोड़ दें, क्योंकि अब उन्हें निशाना बनाया जाएगा। इस चेतावनी को अमेरिकी सेना के अत्याचारों का जवाब बताया गया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर एक अमेरिकी मानवरहित सबमर्सिबल को पकड़ने का दावा किया था। इसे युद्ध की ट्रॉफी बताया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी जीत के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतें तीन डॉलर से गिरकर दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे आ सकती हैं और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब क्षेत्रीय जलक्षेत्र में ईरानी समुद्री संपत्तियों पर अमेरिका के लगातार हमले जारी हैं। दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है और वे लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं।
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी बल व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा कर रहे हैं और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाए हुए हैं।
ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को ईरान के विमानन क्षेत्र पर व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें 27 ईरानी एयरलाइंस और नौ सेवा प्रदाताओं को निशाना बनाया गया है।
यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमले के प्रयास और सप्ताहांत में बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर व डिस्ट्रॉयर पर फायरिंग के बाद हुई है।
दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ये टैंकर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े थे। ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अमेरिका ने तेल टैंकरों पर हमला क्यों किया?
- अमेरिका ने यह हमला अमेरिकी नौसेना पर आईआरजीसी के मिसाइल हमलों के जवाब में किया।
- क्या तेल टैंकरों के चालक दल को नुकसान पहुंचा?
- अमेरिकी सेना ने बताया कि तेल टैंकर के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया।
- ईरान ने अमेरिका को कैसे चेतावनी दी?
- ईरान की नौसेना ने बह्रीन और कुवैत के बंदरगाहों पर टैंकरों के चालक दल को अपने जहाज छोड़ने को कहा।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
- ट्रंप ने कहा कि युद्ध में अमेरिकी जीत के बाद तेल और गैस की कीमतें गिरेंगी।
- अमेरिका ने सैन्य और आर्थिक दबाव कहां बढ़ाया है?
- अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाया है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.