पुराने जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के लिए तीन महीने के लिए बंद
भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू, रोडवेज बसों का रूट बदला जाएगा
जाजमऊ पुराने गंगा पुल को तीन महीने तक मरम्मत और स्पैन के बेयरिंग बदलने के लिए बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्नाव जिला प्रशासन ने डायवर्जन व्यवस्था लागू की है और भारी वाहनों के वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं, जो 13 दिसंबर 2026 तक जारी रहेंगे। पुल की खराब हालत और मरम्मत के कारण मार्गों में बदलाव से बसों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
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जाजमऊ गंगा पुल बंद। जाजमऊ पुराने गंगा पुल को तीन महीने के लिए मरम्मत और स्पैन के बेयरिंग बदलने के कारण बंद कर दिया गया है। रविवार दोपहर 12 बजे से डायवर्जन लागू कर दिया गया है, जिससे भारी वाहनों को पुल पार करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
एनएचएआई ने पुल की मरम्मत के लिए यह निर्णय लिया है। उन्नाव जिला प्रशासन के सहयोग से गगनखेड़ा, आजाद मार्ग और त्रिभुवन खेड़ा चौराहों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। तीन दिनों तक बड़े वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जबकि छोटे वाहनों को आवागमन की अनुमति दी गई है।
डायवर्जन व्यवस्था 13 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। उन्नाव के तीन प्रमुख चौराहों से भारी वाहनों का आवागमन वैकल्पिक मार्गों से होगा। लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली से कानपुर आने वाली 600 से अधिक रोडवेज बसों का रूट बदला जाएगा।
उन्नाव से औरैया-इटावा जाने वाले वाहन गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का प्रयोग करेंगे। बांदा-महोबा की ओर जाने वाले वाहन NH-31 से लालगंज और फतेहपुर होते हुए जाएंगे। हमीरपुर, झांसी और उरई की ओर जाने वाले वाहन NH-31 से बक्सर मोड़ पहुंचकर NH-19 और SH-46 के रास्ते घाटमपुर होते हुए NH-34 से आगे बढ़ेंगे।
कानपुर आने वाले भारी वाहनों को NH-31 से उन्नाव के बक्सर मोड़ का रास्ता अपनाना होगा। पुराने पुल की मरम्मत के कारण भारी वाहनों पर रोक लगने से रोडवेज बसों को कानपुर पहुंचने में 60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। इससे बसों को 80 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा, जो करीब डेढ़ घंटे का समय बढ़ाएगा।
कुछ दिन वैकल्पिक रूट से आवागमन के बाद किराया बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। पुल पर बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।
फुटपाथ के क्षतिग्रस्त हिस्सों में पत्थर लगाए गए हैं, लेकिन बीच-बीच में अंतराल हैं, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों के पैर फंसकर चोटिल हो चुके हैं। पुल से जुड़े GPS और टेलीफोन के तार गंगा में बहते मिले हैं, जिन्हें हटाने की अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे सुरक्षा और पर्यावरण दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जाजमऊ-रामादेवी फ्लाईओवर की सड़क भी खराब स्थिति में है। बारिश में सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है और बजरी फैल गई है, जिससे अंधेरे में हादसे का खतरा बढ़ गया है।
उन्नाव प्रशासन ने शनिवार को डायवर्जन के लिए सूचना सार्वजनिक कर दी थी, लेकिन शनिवार को डायवर्जन को लेकर उन्नाव जिला प्रशासन की बैठक नहीं हो पाई। आजाद नगर चौराहे पर बसों को गंगा बैराज की तरफ से निकलने में मदद की जा रही है।
यदि डायवर्जन के दौरान भारी वाहनों का दबाव बढ़ता है और जाम की स्थिति बनती है तो दूसरा प्लान अपनाने का विकल्प तलाशा जाएगा।
भारी वाहन गुजरते हैं तो पुल पर कंपन महसूस होता है
अमित सिंह
पुल की पोक लेयर कमजोर होने के कारण कंक्रीट और डामर का मिश्रण टिक नहीं पा रहा है
इंजीनियर राजकमल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- डायवर्जन किन रास्तों से होगा?
- उन्नाव से औरैया-इटावा वाहन गंगा और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उपयोग करेंगे।
- रोडवेज बसों को अतिरिक्त दूरी क्यों तय करनी पड़ रही है?
- पुल बंद होने से बसों को वैकल्पिक रास्ते से चलना पड़ता है, जिससे 60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी बढ़ जाती है।
- पुल की मरम्मत में कौन-कौन से काम शामिल हैं?
- पुल की स्पैन के बेयरिंग बदलना और मरम्मत करना शामिल है।
- पुल के किन हिस्सों में सुरक्षा की चिंता है?
- GPS और टेलीफोन के तार गंगा में बह रहे हैं और फुटपाथ के पत्थरों में अंतराल बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा हैं।
- जाजमऊ-रामादेवी फ्लाईओवर की स्थिति क्या है?
- बारिश में सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
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