एनएचएआई ने गंदे टॉयलेट की सूचना पर 1000 रुपये का रिवॉर्ड दिया
नेशनल हाईवे पर सफाई की शिकायतों के बीच एनएचएआई ने फास्टैग रिचार्ज योजना शुरू की
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने गंदे टॉयलेट की सूचना देने वाले यात्रियों को 1000 रुपये का फास्टैग रिचार्ज देने की योजना शुरू की है, जो 30 जून 2027 तक जारी रहेगी। यात्रियों को राजमार्गयात्रा ऐप पर साफ तस्वीर के साथ जानकारी देनी होगी, जिसके आधार पर वे रिवॉर्ड प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना केवल एनएचएआई के अंतर्गत आने वाले टॉयलेट्स पर लागू है।
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने गंदे टॉयलेट की जानकारी देने वाले यात्रियों को 1000 रुपये का फास्टैग रिचार्ज देने की योजना शुरू की है। यह योजना सितंबर 2025 में लॉन्च हुए क्लिन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज का हिस्सा है और अब इसे 30 जून 2027 तक बढ़ा दिया गया है।
हाईवे और एक्सप्रेसवे पर कई पब्लिक टॉयलेट बनाए गए हैं, लेकिन सफाई की कमी के कारण लोग इनका उपयोग करने में असुविधा महसूस करते हैं। इस समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने एक योजना तैयार की है जिसमें गंदे टॉयलेट की सूचना देने पर यात्रियों को रिवॉर्ड मिलेगा।
यात्रियों को राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप पर जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्प के साथ साफ तस्वीर अपलोड करनी होगी। इसके साथ ही अपनी बेसिक जानकारी जैसे नाम, लोकेशन, वाहन पंजीकरण नंबर और मोबाइल नंबर भी देना होगा।
एनएचएआई फोटो और डेटा का विश्लेषण कर वैध वाहन पंजीकरण नंबर से मिली जानकारी के लिए यात्रियों को इंस्टैंट 1000 रुपये का रिवॉर्ड देगा। यह रिवॉर्ड फास्टैग रिचार्ज के रूप में मिलेगा जो संबंधित वाहन के खाते में क्रेडिट होगा।
एक वाहन के लिए इस रिवॉर्ड का लाभ केवल एक बार मिलेगा और यह नॉन-ट्रांसफरेबल होगा, जिसे नकद में नहीं लिया जा सकेगा। यदि एक ही सुविधा के लिए कई शिकायतें हों तो सबसे पहले शिकायत करने वाले को ही रिवॉर्ड मिलेगा।
यह योजना केवल एनएचएआई के अंतर्गत आने वाले टॉयलेट फैसिलिटी पर लागू है। एनएचएआई ने इस योजना की जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की है।
2026 में अब तक 429 यात्रियों ने इस योजना के तहत गंदे टॉयलेट की सूचना देकर 1000 रुपये का फास्टैग रिचार्ज प्राप्त किया है। इस योजना का लाभ नेशनल हाईवे पर चलने वाले सभी कम्यूटर्स उठा सकते हैं।
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