अलीगढ़ में 1.98 करोड़ में विकसित होगी नई कैटल कॉलोनी
शहर की 315 डेरियों को गुरसिकरन गांव में स्थानांतरित किया जाएगा
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने गुरसिकरन गांव में 0.80 हेक्टेयर भूमि पर 1.98 करोड़ रुपये की लागत से कैटल कॉलोनी विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे शहर की 315 डेरी संचालकों को एक व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में डेरी संचालन से उत्पन्न गंदगी और यातायात संबंधी समस्याओं को कम करना है।
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने गुरसिकरन गांव में 0.80 हेक्टेयर भूमि पर 1.98 करोड़ रुपये में कैटल कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई है। इस कॉलोनी में शहर की 315 डेरियों को व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे शहर में डेरियों से होने वाली गंदगी और यातायात संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी।
शहर में डेरियों से फैलने वाली गंदगी और पशुओं के कारण उत्पन्न समस्याओं को दूर करने के लिए कैटल कॉलोनी विकसित करने की कवायद आगे बढ़ गई है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने गुरसिकरन गांव में गाटा संख्या 703/4 की 0.800 हेक्टेयर ऊसर भूमि का चयन किया है, जहां कॉलोनी का निर्माण होगा। इसके लिए प्राधिकरण को 1.98 करोड़ रुपये में जमीन का पुनर्ग्रहण कराना होगा, जिसके लिए मंडलायुक्त ओम प्रकाश आर्य ने अनुमति दे दी है।
कैटल कॉलोनी बनने के बाद शहर में संचालित डेरियों और पशुपालन से जुड़े लोगों को यहां प्लाट के हिसाब से जगह दी जाएगी। कॉलोनी में पशुओं के लिए चारा और पानी की व्यवस्था प्रस्तावित है, साथ ही घुमंतू पशुओं को रखने की भी व्यवस्था की जाएगी।
शहर में वर्तमान में बड़ी संख्या में डेरी आबादी के बीच संचालित हो रही हैं, जिससे गंदगी और यातायात संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। नगर निगम ने कई बार अभियान चलाकर डेरी संचालकों से गंदगी न फैलाने की अपील की है। वर्ष 2018 में इस मामले की याचिका हाईकोर्ट तक पहुंची थी, जिसमें शहर से डेरियों से होने वाली गंदगी से निजात दिलाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था, जिसमें सरकार ने प्रत्येक शहर में कैटल कॉलोनी विकसित करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी।
अलीगढ़ में भी आठ वर्षों से जमीन की तलाश चल रही थी, जिसके बाद एडीए को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। अब तक नगर निगम ने करीब 210 डेरी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि कुल 315 डेरी संचालकों को शिफ्टिंग के दायरे में चिह्नित किया गया है।
कैटल कॉलोनी के लिए भूमि का पुनर्ग्रहण एडीए के स्तर से किया जा रहा है। कॉलोनी विकसित होने के बाद डेरी संचालकों और पशुपालकों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शहर के रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में डेरियों से उत्पन्न समस्याओं में कमी आएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कैटल कॉलोनी में पशुओं के लिए किन सुविधाओं की व्यवस्था होगी?
- कॉलोनी में पशुओं के लिए चारा, पानी और घुमंतू पशुओं के लिए व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं।
- कैटल कॉलोनी बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- इससे शहर में डेरियों से होने वाली गंदगी और यातायात संबंधी समस्याओं को कम किया जाएगा।
- भूमि पुनर्ग्रहण की अनुमति किसने दी है?
- भूमि पुनर्ग्रहण के लिए मंडलायुक्त ओम प्रकाश आर्य ने अनुमति दी है।
- कैटल कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया कब शुरू हुई?
- कैटल कॉलोनी की जमीन की तलाश लगभग आठ वर्षों से चल रही थी और अब एडीए ने जमीन का पुनर्ग्रहण शुरू किया है।
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