NSE के IPO का साइज घटा, 23,000 करोड़ रुपये का होगा इश्यू
पब्लिक-सेक्टर की बीमा कंपनियों और मॉर्गन स्टेनली ने ऑफर-फॉर-सेल शेयर कम किए
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये से घटाकर लगभग 23,000 करोड़ रुपये किया है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल होगा, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे और NSE को कोई राशि प्राप्त नहीं होगी। कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों और मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी कंपनी ने अपनी शेयर बिक्री की मात्रा कम की है।
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बिजनेस डेस्क। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बुधवार को अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों के पास जमा किया। इसमें प्रस्तावित आईपीओ का साइज जून के 30,000 करोड़ रुपये से घटाकर लगभग 23,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर बेचेंगे और NSE को इश्यू से कोई रकम नहीं मिलेगी। ओरिजिनल ड्राफ्ट में 14.89 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव था, जो NSE की इक्विटी का लगभग 6 प्रतिशत है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ पब्लिक-सेक्टर की बीमा कंपनियों ने अपनी प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री घटाई है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने 1.066 करोड़ शेयर और न्यू इंडिया एश्योरेंस ने 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्रस्ताव रखा था। इन चारों कंपनियों ने मिलकर लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था।
मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी कंपनी MS स्ट्रैटेजिक (मॉरिशस) लिमिटेड ने भी अपने ऑफर किए जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी है। शुरुआती ड्राफ्ट में इसके लिए 1.60 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी।
NSE के आईपीओ लिस्टिंग में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी के बावजूद ऑफर-फॉर-सेल में कटौती की गई है। इंस्टीट्यूशनल बुक में लगभग 85,000 करोड़ रुपये की दिलचस्पी देखी गई है, जो बड़े निवेशकों की मजबूत मांग को दर्शाता है।
स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श करना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- NSE का IPO ऑफर-फॉर-सेल क्यों है?
- ऑफर-फॉर-सेल में मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर बेचते हैं, जिससे NSE को इश्यू से कोई रकम नहीं मिलती।
- कौन-कौन सी बीमा कंपनियों ने शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया?
- जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस शामिल हैं।
- MS स्ट्रैटेजिक ने क्या बदलाव किया है?
- MS स्ट्रैटेजिक (मॉरिशस) लिमिटेड ने अपने ऑफर किए जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी है।
- इन्वेस्टर्स की मांग कैसी रही?
- इंस्टीट्यूशनल बुक में लगभग 85,000 करोड़ रुपये की दिलचस्पी देखी गई, जो मजबूत निवेशकों की मांग दर्शाता है।
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