सोना 650 रुपये गिरा, चांदी के दाम स्थिर रहे
कमजोर वैश्विक संकेतों से दिल्ली में सोने की कीमतें घटीं, चांदी में कोई बदलाव नहीं
7 सितंबर को दिल्ली में सोने की कीमतें 650 रुपये गिरकर 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं, जबकि चांदी के दाम स्थिर रहे। अमेरिकी बेहतर नौकरियों के आंकड़ों के कारण फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं बढ़ी हैं, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है। इस हफ्ते आने वाले महंगाई के आंकड़े फेड की ब्याज दरों के फैसले में अहम भूमिका निभाएंगे।
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बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली में 7 सितंबर को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आई। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 650 रुपये घटकर 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी के दाम स्थिर रहे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव दिखा। स्पॉट गोल्ड 35.03 डॉलर यानी लगभग 1 फीसदी गिरकर 4,395.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय चांदी 1 फीसदी गिरकर 65.64 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि विदेशी बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के असर से सोना गिरा और हाजिर भाव 4,400 डॉलर के स्तर के आसपास बना रहा।
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, उम्मीद से बेहतर अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को बढ़ाया है, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।
बाजार की निगाहें इस हफ्ते आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो फेड की ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कायनात चैनवाला ने बताया कि हाजिर सोना और चांदी क्रमशः 4,410 डॉलर और 65.7 डॉलर के करीब कारोबार कर रहे हैं। शुक्रवार को सोना 4,366 डॉलर और चांदी 64.7 डॉलर तक गिर गए थे।
अगस्त के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। बाजार को जहां करीब 56,000 नौकरियों की उम्मीद थी, वहीं यह आंकड़ा 1,62,000 दर्ज हुआ और जुलाई के आंकड़े भी ऊपर संशोधित हुए।
इस रिपोर्ट ने डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को मजबूती दी, जिससे संकेत मिला कि यदि महंगाई काबू में नहीं आई तो फेड दरें ऊंची रख सकता है। आंकड़ों के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका 50 फीसदी से बढ़कर करीब 60 फीसदी हो गई है।
चैनवाला के मुताबिक, 15-16 सितंबर की फेड बैठक से पहले इस हफ्ते के महंगाई के आंकड़े बेहद अहम हैं, जो बाजार को सीमित दायरे में बांधे रख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सोना क्यों गिरा है?
- विदेशी बाजारों से कमजोर संकेतों और बेहतर अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद बढ़ाई, जिससे सोने पर दबाव पड़ा।
- अगले दिनों बाजार की क्या उम्मीद है?
- इस हफ्ते आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े फेड की ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे।
- अमेरिकी नौकरियों के आंकड़े क्या संकेत देते हैं?
- अगस्त के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़े उम्मीद से बेहतर थे, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की आशंका बढ़ गई है।
- फेड की अगली बैठक कब होगी और इसका असर क्या होगा?
- 15-16 सितंबर को फेड बैठक है, जिसमें ब्याज दरों का फैसला महंगाई के आंकड़ों के आधार पर होगा, जो बाजार को सीमित दायरे में रख सकता है।
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