एनएसई आईपीओ में 22,569 करोड़ रुपये निवेशकों को जाएंगे
एनएसई का आईपीओ ऑफर फॉर सेल है, कंपनी को सीधे कोई राशि नहीं मिलेगी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ ऑफर फॉर सेल है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री से 22,569 करोड़ रुपये निवेशकों को जाएंगे। इस आईपीओ से मिलने वाली राशि सीधे एनएसई को नहीं मिलेगी, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलेगी। आईपीओ में कर्मचारियों को प्रति शेयर 170 रुपये का डिस्काउंट दिया गया है।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ ऑफर फॉर सेल है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेची जाएगी। इस बिक्री से मिलने वाले 22,569 करोड़ रुपये सीधे एनएसई को नहीं मिलेंगे, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाएंगे।
इस आईपीओ में कर्मचारियों को प्रति शेयर 170 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। ऑफर फॉर सेल में भारतीय स्टेट बैंक, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स, एमएस स्ट्रैटेजिक, न्यू इंडिया एश्योरेंस, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े निवेशक शामिल हैं। भारतीय स्टेट बैंक करीब 1.60 करोड़ शेयर बेच रहा है, जबकि कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड लगभग 1.19 करोड़ और अरांडा इन्वेस्टमेंट्स करीब 1.12 करोड़ शेयर बेचेंगे।
एनएसई के अपर प्राइस बैंड 1,785 रुपये पर कंपनी का कुल मार्केट वैल्यूएशन करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये होगा। इस प्राइस पर शेयर FY26 की कमाई के 42.9 गुना पीई रेश्यो पर उपलब्ध होंगे। एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार बीएसई के शेयर करीब 55.8 गुना पीई रेश्यो पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए घरेलू मुकाबले में एनएसई का भाव बीएसई से कम दिखाई देता है। विदेशी शेयर बाजार कंपनियां करीब 19 से 26 गुना के पीई के मुकाबले काफी अधिक हैं।
एनएसई ट्रेडिंग की सुविधा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी, करेंसी और बॉन्ड में भी देती है। कंपनी को ट्रांजेक्शन चार्जेज के अलावा लिस्टिंग, क्लियरिंग, बाजार के आंकड़े, सर्वर रखरखाव और इंडेक्स लाइसेंस से भी आय होती है। जून 2026 तक एनएसई के पास 13.24 करोड़ अलग-अलग रजिस्टर्ड निवेशक थे, जिनके कुल 26.14 करोड़ खाते थे। इसके साथ 1,328 कारोबारी सदस्य और 3,005 लिस्टेड कंपनियां जुड़ी थीं, जिनकी कुल बाजार कीमत करीब 474.1 लाख करोड़ रुपये थी।
कैश मार्केट में एनएसई की हिस्सेदारी करीब 93.1 फीसदी और स्टॉक फ्यूचर्स बिजनेस में लगभग 99.7 फीसदी थी। शेयर ऑप्शन के प्रीमियम कारोबार में इसकी हिस्सेदारी करीब 68.5 फीसदी रही। FY24 में एनएसई की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14,780 करोड़ रुपये थी, जो FY25 में बढ़कर 17,141 करोड़ रुपये हो गई, लेकिन FY26 में करीब 3.1 फीसदी घटकर 16,601 करोड़ रुपये रह गई।
मुनाफा FY24 के 8,306 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 12,188 करोड़ रुपये हुआ था। FY26 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 67.6 फीसदी और नेट प्रॉफिट मार्जिन 62.1 फीसदी रहा। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एनएसई ने 4,560 करोड़ रुपये की आय और 3,120 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जिसमें ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 77.9 फीसदी पहुंच गया।
एनएसई की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा ट्रांजेक्शन चार्जेज से आता है, जिसमें FY26 में कुल आय का करीब 78.7 फीसदी हिस्सा ट्रांजेक्शन चार्जेज का था, और अकेले ऑप्शंस बिजनेस की हिस्सेदारी करीब 60.2 फीसदी थी। रिपोर्ट के अनुसार ऑप्शंस बिजनेस में कमी या नियमों में बदलाव से कंपनी की आय प्रभावित हो सकती है।
क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम सहित बाजार के नियमों में कोई बड़ा बदलाव लेनदेन की मात्रा पर असर डाल सकता है। एनएसई का पूरा कारोबार तकनीक पर निर्भर है, इसलिए सर्वर खराबी, साइबर हमला या कारोबार रुकने से आर्थिक नुकसान और साख पर असर हो सकता है। मई 2025 में कंपनी को सेवा बाधित करने वाला साइबर हमला झेलना पड़ा था, लेकिन FY24 से FY26 के बीच कोई ऐसा साइबर मामला नहीं आया जिसे कंपनी संभाल न पाई हो।
एनएसई आईपीओ में 1 रुपये के फेस वैल्यू पर 12,64,36,650 शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं, क्योंकि इसमें नए शेयर जारी नहीं हो रहे हैं। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट होंगे, उनके डीमैट खाते में 23 सितंबर को शेयर क्रेडिट हो जाएंगे, जबकि बीएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को हो सकती है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 1 लॉट के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए 14,280 रुपये का निवेश करना होगा।
एनएसई आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल को बुक रनिंग लीड मैनेजर और MUFG इनटाइम को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
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