14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर शेयर बाजार रहेगा बंद
कमोडिटी बाजार शाम 5 बजे से खुलेगा, सोने-चांदी के रेट जारी नहीं होंगे
14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के कारण बीएसई और एनएसई के शेयर बाजार में ट्रेडिंग बंद रहेगी, जबकि कमोडिटी बाजार शाम 5 बजे से खुलेगा। इस दिन सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के रेट प्रकाशित नहीं होंगे, लेकिन कुछ शहरों के संगठन अपने रेट जारी कर सकते हैं। बाजार में हाल ही में गिरावट आई है, जिसका असर निफ्टी और सेंसेक्स दोनों पर देखा गया है।
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14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के कारण भारतीय शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। बीएसई और एनएसई के इक्विटी और डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग पूरी तरह बंद रहेगी। कमोडिटी बाजार में शाम 5 बजे से कारोबार शुरू होगा।
बीएसई की ओर से जारी वर्ष 2026 की छुट्टियों की सूची के अनुसार 14 सितंबर को बाजार बंद रहेगा। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करेंसी डेरिवेटिव, एनडीएस-आरएसटी और ट्राई-पार्टी रेपो सेगमेंट में कारोबार नहीं होगा। कमोडिटी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट सेगमेंट में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कारोबार बंद रहेगा और शाम 5 बजे से फिर शुरू होगा।
इस वर्ष सितंबर में शेयर बाजार की एकमात्र छुट्टी गणेश चतुर्थी पर है। इसके बाद अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में क्रमशः दो-दो और एक छुट्टी शेष हैं।
पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। निफ्टी-50 में करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ यह 23,398 अंक पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 2.27 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और यह 74,781 अंक पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमत और अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं।
सर्राफा बाजार में भी 14 सितंबर को सोने-चांदी के रेट जारी नहीं होंगे। हालांकि, अलग-अलग शहरों के सर्राफा संगठन अपने-अपने रेट जारी कर सकते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। गणेश पूजा और प्रतिमा स्थापना के लिए दोपहर का समय शुभ माना जाता है।
सोने की कीमतों में लगातार बदलाव जारी है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,55,900 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने के कॉन्ट्रैक्ट का भाव 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर ऊंची यील्ड और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने सोने जैसी गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बढ़ाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच कारोबारियों की ओर से सौदों का आकार बढ़ाए जाने से सोने के वायदा भाव में तेजी आई है, लेकिन घरेलू बाजार में बिकवाली के कारण दबाव बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सर्राफा बाजार 14 सितंबर को कैसे प्रभावित होगा?
- सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के रेट जारी नहीं होंगे, लेकिन शहर स्तर पर संगठन अपने रेट जारी कर सकते हैं।
- शेयर बाजार में हाल ही में गिरावट के कारण क्या हैं?
- कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड के ऊंचे होने से बाजार दबाव में है।
- सोने की कीमतों में घरेलू और वैश्विक बाजार का क्या अंतर है?
- वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें मजबूत हैं, लेकिन घरेलू बाजार में बिकवाली की वजह से दबाव बना हुआ है।
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