एनआइए ने पीएनबी के निलंबित प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार किया
सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ नकली नोट बरामद, जांच तेज
एनआईए ने पंजाब नेशनल बैंक के निलंबित प्रबंधक अमित कुमार को नकली नोटों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एजेंसी बैंक के अंदर नकली मुद्रा के नेटवर्क और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। अमित कुमार की गिरफ्तारी से मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
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एसपी अभिनंदन ने बताया कि अमित की गिरफ्तारी जांच में अहम कड़ी मानी जा रही है। एजेंसी अब नकली नोटों के पूरे नेटवर्क और बैंक के अंदर शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच और गिरफ्तारी
पीएनबी के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर इस मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। नकली नोट मिलने और चोरी के आरोपों के बाद बैंक ने अमित कुमार समेत तीन प्रबंधकों को निलंबित किया था। सदर बाजार थाने में एफआईआर संख्या 0431/2026 दर्ज की गई। नकली नोटों के मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआइए ने 3 सितंबर 2026 को जांच अपने हाथ में ले ली थी।
जांच के दौरान अमित कुमार को फरार आरोपित घोषित किया गया था। मंगलवार को एनआइए ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब एजेंसी उससे पूछताछ कर नकली मुद्रा के स्रोत, बैंक के अंदर इसे सुरक्षित रखने वालों और संभावित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
एनआइए बैंक के रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में नकदी की आवाजाही और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही है। एजेंसी के रडार पर अन्य संदिग्ध भी हैं। अमित कुमार की गिरफ्तारी से जांच में नए सुराग मिलने की उम्मीद है। उसे रिजर्व पुलिस लाइन में रखा गया है, जहां बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
एनआइए यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मामला केवल बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। नकली करेंसी के स्रोत और अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना जांच का अहम हिस्सा है।
जगाधरी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को एनआइए ने गिरफ्तार कर लिया है
अभिनंदन, एसपी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच में क्या बदलाव आया है?
- अमित कुमार की गिरफ्तारी से जांच में नए सुराग मिलने की उम्मीद है और एजेंसी अन्य संदिग्धों की भी जांच कर रही है।
- एनआइए ने जांच का दायरा कैसे बढ़ाया है?
- एनआइए बैंक के रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में नकदी की आवाजाही और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
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