कानपुर में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया
बार एसोसिएशन के महामंत्री अधिवक्ताओं को समझाकर अदालत से बाहर ले गए
कानपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ, जिसे कई अधिवक्ताओं ने बहिष्कार किया और अदालतों में काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं को बाहर निकाला। बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन ने हंगामा रोकने का प्रयास किया, जबकि प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। लोक अदालत में त्वरित निपटान के लिए विशेष पीठें और सहायता काउंटर बनाए गए हैं।
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कानपुर। कानपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ, लेकिन अधिवक्ताओं ने इसका बहिष्कार करते हुए अदालतों में काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं को बाहर निकाला। बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा और लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने अधिवक्ताओं को समझाया और हंगामा रोकने का प्रयास किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत 12 सितंबर को आयोजित की गई। सीजेएम अशोक कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। सचिव ममता पंत ने कहा कि लोक अदालत में मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय पर आठ विशेष पीठों का गठन किया गया है।
कानपुर में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार करते हुए अदालतों में काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं को बाहर निकाला और 'अधिवक्ता एकता जिंदाबाद' के नारे लगाए। बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा और लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने अधिवक्ताओं को समझाकर हंगामा रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ अधिवक्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई।
लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा दावे, बीमा कंपनियों से संबंधित मामले, सिविल एवं आपराधिक मामले और ऐसे अन्य विवाद लिए जा रहे हैं जिनका निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से संभव है। जिला एवं उपमंडल स्तर पर नौ बेंच गठित की गई हैं, जिनमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल, जैस्मिन शर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश मधुलिका, एसीजेएम अनुराधा, जेएमआईसी हर्षा शर्मा समेत अन्य न्यायाधीश सुनवाई करेंगे।
लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। पक्षकारों की सुविधा के लिए बैंक, बीमा और अन्य विभागों के सहायता काउंटर भी लगाए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।
बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिन चले प्रांतीय सम्मेलन में राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया था। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन जारी रहेगा।
गाजियाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत में भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोग मोटर चालान के भुगतान और निस्तारण के लिए कतार में खड़े रहे। कोर्ट परिसर में ई-सेवा केंद्र पर भी लोगों की भीड़ देखी गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- इसका उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है।
- अधिवक्ताओं ने कानपुर में लोक अदालत का बहिष्कार क्यों किया?
- अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन जारी रखने के लिए बहिष्कार किया।
- लोक अदालत में किन प्रकार के मामले सुलझाए जा रहे हैं?
- मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, बीमा कंपनी से संबंधित मामले, सिविल एवं आपराधिक मामले शामिल हैं।
- अधिवक्ताओं के बीच कानपुर में लोक अदालत के दौरान क्या हुआ?
- अधिवक्ताओं ने हंगामा किया और अदालतों में काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं को बाहर निकाला।
- लोक अदालत में पक्षकारों के लिए कौन-कौन से सहायता काउंटर लगाए गए हैं?
- बैंक, बीमा और अन्य विभागों के सहायता काउंटर पक्षकारों की सुविधा के लिए लगाए गए हैं।
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