नगीना में हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया
राजकीय महाविद्यालय और स्कूलों में भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित
नगीना के विभिन्न विद्यालयों में हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण, कविता-पाठ, निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग और वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा की महत्ता और सांस्कृतिक भूमिका पर विचार प्रकट किए तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त किए। प्राचार्य मीता शर्मा ने हिंदी की राष्ट्रीय एकता में योगदान पर प्रकाश डाला।
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नगीना। नगीना के राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग के तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने भाषण, कविता-पाठ, निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। प्राचार्य मीता शर्मा ने हिंदी की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता में भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा, महत्व और दैनिक जीवन में उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए। नैंसी कॉन्वेंट स्कूल ज्योलीकोट में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में 'क्या उत्तराखंड में बढ़ता विकास पहाड़ों के लिए वरदान है या पर्यावरण के लिए खतरा' विषय पर विद्यार्थियों ने तर्क प्रस्तुत किए। रित्विक सिंह माही ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
दयानंद पब्लिक स्कूल में हिंदी पखवाड़े के दौरान राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का नाट्य मंचन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय मदनपुर सुकरौली में सुलेख और हिंदी व्याकरण प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें 111 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिताओं में नइम, सदफ परवीन और आसिफा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान मिला। पोस्टर मेकिंग में परमजीत कौर, ज्योति, कल्पना और राधिका विजेता रहीं। निबंध लेखन में प्रिंस, सर्वजीत कौर, चारवी और वंशिका ने पुरस्कार प्राप्त किए।
विद्यार्थियों ने हिंदी को केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति, भावनाओं, परंपराओं और राष्ट्रीय एकता से जुड़ी महत्वपूर्ण भाषा बताया। प्राचार्य मीता शर्मा ने कहा, "स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदी ने देशवासियों को एकजुट करने का काम किया।" कमल कुमार दीवान ने कहा, "विद्यार्थियों को हिंदी को दिल से अपनाना चाहिए तथा सही उच्चारण के साथ इसका प्रयोग अपनी दिनचर्या में करना चाहिए।" संजय कुमार सिंह ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तार्किक सोच, आत्मविश्वास और प्रभावी अभिव्यक्ति का विकास करती हैं।
विद्यालय अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और प्रबंधक ने सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की। निर्णायक मंडल में डॉ. सुमन पंजेटा, डॉ. मनीषा, डॉ. नंदिनी मोदगिल, अभिषेक यादव, पप्पू और डॉ. ममता मग्गो शामिल थे। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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