हरिद्वार जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी
महिला बंदी के पति पर आरोप, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
हरिद्वार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जान से मारने की धमकी मिली है। पुलिस ने हिमांशु चड्ढा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जो एक महिला बंदी का पति है और जेल में गैरकानूनी सुविधाएं मांग रहा था।
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हरिद्वार। हरिद्वार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेश के जरिए दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेल प्रशासन के अनुसार धमकी देने वाले की पहचान जेल में बंद एक महिला बंदी के पति हिमांशु चड्ढा के रूप में हुई है। आरोप है कि वह अपनी पत्नी को जेल के भीतर फोन कॉल समेत अन्य गैरकानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहा था। मांग पूरी न होने पर उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जान से मारने की धमकी दी।
मनोज कुमार आर्य ने बताया, "उन्हें लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए धमकियां मिल रही थीं।" उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी को लेटर भेजकर कार्रवाई की मांग की।
सिडकुल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप अकाउंट और मैसेज की जांच कर रही है। साथ ही सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से धमकी देने वाले की लोकेशन और तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि 11 सितंबर को वरिष्ठ अधीक्षक के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया था। बाद में व्हाट्सएप पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप, पंजाब से जुड़ा बताते हुए संदेश भेजा गया। 12 सितंबर को सुबह 10:12 बजे हुई कॉल में आरोपी ने जेल प्रशासन को खुली धमकी दी। बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई है।
जांच में पता चला है कि हिमांशु पूर्व में जिला कारागार देहरादून और केंद्रीय कारागार सितारगंज में निरुद्ध रह चुका है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या केवल डराने के लिए गैंग का नाम इस्तेमाल किया गया।
जेल प्रशासन ने लगातार धमकियां मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस से वैधानिक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि धमकी के पीछे कौन है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल क्यों किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- धमकी क्यों दी गई थी?
- हिमांशु चड्ढा अपनी पत्नी को जेल में गैरकानूनी सुविधाएं दिलाने के लिए दबाव बना रहा था।
- पुलिस जांच में क्या कदम उठाए गए?
- पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप अकाउंट की जांच कर रही है और साइबर सेल से मदद ले रही है।
- हिमांशु चड्ढा का पिछला अपराध इतिहास क्या है?
- हिमांशु पहले जिला कारागार देहरादून और केंद्रीय कारागार सितारगंज में निरुद्ध रह चुका है।
- क्या धमकी देने वाले का गैंग से कनेक्शन पक्का है?
- पुलिस जांच कर रही है कि धमकी देने वाला असल में गिरोह से जुड़ा है या नाम का डर दिखाने के लिए इस्तेमाल हुआ।
- जेल प्रशासन ने धमकी मिलने पर क्या किया?
- मनोज कुमार आर्य ने पुलिस को लिखित शिकायत भेज कर शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की।
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