1.15 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत खारिज
जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी का मामला
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी दीपक कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। दीपक कुमार पर कूटरचित दस्तावेज बनाकर वादी से धोखाधड़ी करने का आरोप है और वह अगस्त 2026 से देहरादून के जिला कारागार में बंद है।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी दीपक कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला थाना सहसपुर में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। आरोपी छह अगस्त 2026 से जिला कारागार देहरादून में बंद है।
अभियोजन के अनुसार दीपक कुमार ने सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली बताकर वादी से करीब 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं पाया।
अदालत ने एक सह-अभियुक्त की जमानत पहले खारिज होने का भी उल्लेख किया है। बचाव पक्ष ने आरोपी को झूठा फंसाने और उसके कोई आपराधिक इतिहास न होने का तर्क दिया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- दीपक कुमार पर क्या आरोप है?
- दीपक कुमार पर कूटरचित दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
- अदालत ने जमानत क्यों नहीं दी?
- अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता को देखकर जमानत नहीं दी।
- क्या दीपक कुमार का कोई आपराधिक इतिहास है?
- बचाव पक्ष ने बताया कि दीपक कुमार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
- दीपक कुमार कब से जेल में है?
- दीपक कुमार 6 अगस्त 2026 से जिला कारागार देहरादून में है।
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