अलवर में निकाय चुनाव को लेकर पुलिस-प्रशासन पर आरोप
टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया
अलवर में निकाय चुनाव के दौरान भाजपा पर पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पुलिस-प्रशासन का राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील की है।
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अलवर। अलवर में निकाय चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन के राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है और कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
निकाय चुनाव की मतगणना से पहले अलवर के पास अकबरपुर स्थित एक निजी रिसॉर्ट में कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी के दौरान पुलिस की टीम पहुंची। पुलिस ने एक महिला प्रत्याशी को उठाने का प्रयास किया, जबकि वह अपनी मर्जी से वहीं रहना चाहती थी। इस कार्रवाई से कार्यकर्ता भड़क गए और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "निकाय चुनाव में पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।" उन्होंने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं।
जूली ने कहा कि भाजपा अपनी जमीन खिसकती देख पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रत्याशियों के घर जाकर पूछताछ कर रही है कि वे अपनी मर्जी से गए हैं या जबरदस्ती लेकर गए हैं। उन्होंने कहा, "उनके यहां लगाए गए एक चुनावी कैंप में भी पुलिस पहुंची।"
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि सरकार इस प्रकार का माहौल क्यों पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा, "सरकार चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी और कांग्रेस को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।" जूली ने ईवीएम में वीवीपैट न होने, मतदाताओं को पर्चियां न बांटे जाने और बुजुर्गों व दिव्यांगों के घर जाकर मतदान की व्यवस्था न किए जाने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे संविधान के दायरे में रहकर निष्पक्ष चुनाव करवाएं। जूली ने कहा, "पुलिस किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि कानून और संविधान के लिए काम करती है।" उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्थान में तानाशाही कभी किसी की नहीं चली और आगे भी नहीं चलेगी।
जूली ने कहा, "जनता ने जिसे वोट देना होगा, वह दे चुकी है या देगी।" उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस या भाजपा का कोई व्यक्ति गलती करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में वन मंत्री की ओर से वन विभाग की पुलिस टीम भेजी गई थी और तीन थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची। जूली ने कहा कि पुलिस-प्रशासन को ईमानदारी से काम करना चाहिए क्योंकि ईमानदारी ही सबसे बड़ा सम्मान है।
उन्होंने कहा, "यदि कोई अधिकारी अपना ईमान बेच देता है तो व्यवस्था कैसे चलेगी।" जूली ने कहा कि निकाय चुनावों में भाजपा पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है और यह सिर्फ एक-दो जगह की बात नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- टीकाराम जूली ने पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग की क्या बात कही?
- उन्होंने बताया कि पुलिस प्रत्याशियों के घर जाकर पूछताछ कर रही है और चुनावी कैंप में भी पुलिस पहुंची।
- महिला प्रत्याशी को उठाने का प्रयास कब हुआ?
- निकाय चुनाव की मतगणना से पहले अकबरपुर स्थित निजी रिसॉर्ट में बाड़ाबंदी के दौरान पुलिस पहुंची थी।
- टीकाराम जूली ने चुनाव प्रक्रिया में किन कमियों को रेखांकित किया?
- उन्होंने ईवीएम में वीवीपैट न होने, मतदाताओं को पर्चियां न बांटे जाने, और बुजुर्गों व दिव्यांगों के घर जाकर मतदान व्यवस्था न किए जाने पर सवाल उठाए।
- टीकाराम जूली ने सरकार से क्या सवाल किया?
- उन्होंने पूछा कि सरकार चुनाव कराने के पक्ष में क्यों नहीं थी और कांग्रेस को अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाना पड़ा।
- पुलिस-प्रशासन को क्या संदेश दिया गया?
- जूली ने कहा कि पुलिस को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि कानून और संविधान के लिए काम करना चाहिए।
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