झालावाड़ में पर्युषण महापर्व का भव्य शुभारंभ, मंत्री ने प्रवचन दिया
आठ दिन तक तप, संयम और आध्यात्मिक साधना का आयोजन मंदिर परिसर में
झालावाड़ में पर्युषण महापर्व का शुभारंभ हुआ, जिसमें मंत्री भैरूलाल हिंगड़ ने ‘वक्त और दौलत’ विषय पर प्रवचन दिया। आठ दिन तक चलने वाले इस पर्व में जैन समाज के लोग तप, संयम और आध्यात्मिक साधना का पालन करेंगे। इस दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजन और सामूहिक प्रार्थनाएं आयोजित की जा रही हैं।
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झालावाड़। झालावाड़ में मंगलवार से पर्युषण महापर्व का भव्य शुभारंभ हुआ। मंत्री भैरूलाल हिंगड़ ने ‘वक्त और दौलत’ विषय पर प्रवचन दिया। आठ दिन तक चलने वाले इस पर्व में जैन समाज के लोग तप, संयम और आराधना के महत्व को समझेंगे।
पर्युषण महापर्व आत्मशुद्धि, संयम, तप और आध्यात्मिक साधना का पर्व है। साध्वी राजरत्ना मसा ने बताया कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मावलोकन, अपनी भूलों को स्वीकार करने, कषायों के क्षय और जीवन को धर्ममय बनाने का अवसर है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं से आत्मचिंतन के साथ धर्माराधना और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में ओसवाल भवन, नजरवाड़ी में पर्युषण महापर्व के पहले दिन धर्मसभा हुई। अध्यक्ष कैलाशचंद्र तलेसरा ने बताया कि मंगलवार सुबह अखंड नवकार महामंत्र जाप शुरू हुआ, जो आठ दिन चलेगा। अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी ने कहा कि इस दौरान जैन समाज के लोगों को तप और आराधना के महत्व से अवगत कराया जाएगा।
साध्वी महिमा ने कहा कि पर्युषण लौकिक नहीं, बल्कि लोकोत्तर पर्व है। मंत्री भैरूलाल हिंगड़ ने बताया कि साध्वी हंस ने ‘वक्त और दौलत’ विषय पर प्रवचन दिया। सुबह 9 बजे से प्रवचन शुरू हुए, जो करीब 10.30 बजे तक चले। प्रवचनों में पर्युषण पर्व के दौरान आत्मसंयम, तप और आराधना के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
तीर्थ परिसर में प्रतिदिन प्रातः सामूहिक प्रार्थना, प्रभातफेरी, पक्षाल, पूजन, प्रवचन और प्रतिक्रमण सहित धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। दोपहर में महावीर भवन में कल्पसूत्र वाचन और सूर्यास्त के साथ प्रतिक्रमण होगा। शाम को भक्ति-भावना के कार्यक्रमों में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। तपस्याओं का क्रम भी जारी है।
पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर तप-आराधना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने उपवास और एकासना का संकल्प भी लिया। पर्युषण पर्व के आयोजन के लिए स्वाध्यायी रमेश मालू (बाड़मेर) और अखिल डागा (मुंबई) झालावाड़ पहुंचे हैं।
धर्मसभा में लाभार्थी परिवार अशोककुमार विमल और दीपक पगारिया ने अंतगढ़ दशांग सूत्र की पोथी साध्वी को भेंट की। पर्व के शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। पर्युषण पर्व के दौरान भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक भी मनाया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पर्युषण महापर्व का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम, तप और आध्यात्मिक साधना का अवसर प्रदान करता है।
- इस पर्व में कौन-कौन से धार्मिक कार्यक्रम होते हैं?
- सामूहिक प्रार्थना, प्रभातफेरी, पक्षाल, पूजन, प्रवचन और प्रतिक्रमण सहित कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
- श्राद्धालु पर्युषण महापर्व के दौरान कौन-कौन से संकल्प लेते हैं?
- कई श्रद्धालु उपवास और एकासना का संकल्प लेते हैं।
- पर्युषण महापर्व के आयोजन में कौन-कौन सहायता कर रहे हैं?
- स्वाध्यायी रमेश मालू (बाड़मेर) और अखिल डागा (मुंबई) इस आयोजन के लिए आए हैं।
- पर्युषण महापर्व के दौरान भगवान महावीर स्वामी का क्या विशेष पर्व मनाया जाएगा?
- पर्युषण पर्व में भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक भी मनाया जाएगा।
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