प्रतापगढ़ में 14 सितंबर से 12 दिन तक गणेशोत्सव का आयोजन
शहर में 100 से अधिक पांडालों में विराजेंगे गणपति, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
प्रतापगढ़ में 14 सितंबर से 25 सितंबर तक 12 दिनों तक गणेशोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें शहर के 100 से अधिक पांडालों में गणेशजी की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी तेज रहेंगी।
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प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ में 14 सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धा और उत्साह चरम पर है। इस बार 9 साल बाद यह उत्सव 12 दिनों तक चलेगा, जो 25 सितंबर तक जारी रहेगा। शहर के 100 से अधिक पांडालों में 'विघ्नहर्ता' की स्थापना की जाएगी।
गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 7:28 बजे तक है, जिससे पूरे दिन तीज की पूजा होगी। इस दिन हरतालिका तीज भी मनाई जाएगी, जिसमें सुहागिनें पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना से निर्जला व्रत रखेंगी।
मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर वेदोक्त मंत्रों से पूजा-अर्चना की जाएगी। तीज के दिन वस्त्र दान को महादान माना गया है। गणेश चतुर्थी के दिन नई कार, सोना और चांदी की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
शहर में 12 दिनों के दौरान आर्थिक गतिविधियां तेज रहेंगी। हलवाई उद्योग में मोदक, लड्डू और भोग सामग्री के लिए अग्रिम थोक ऑर्डर मिले हैं। 100 से अधिक पांडालों के लिए वाटरप्रूफ डोम, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और थीम-बेस्ड डेकोरेशन का करोड़ों का व्यवसाय बुक हुआ है।
फूल उत्पादकों और फल विक्रेताओं की मांग तीन से चार गुना बढ़ी है। पारंपरिक परिधानों, पूजा सामग्री, धूप-दीप और हवन सामग्रियों की बिक्री में भी तेजी आई है। आगामी 10 दिनों तक शहर के बाजारों में नकदी का तेज प्रवाह रहेगा, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
मिट्टी के गणेश की मांग शहर के मुख्य बाजारों में जबरदस्त है। घरों में 1 से 3 फीट तक और सार्वजनिक पंडालों में 5 से 11 फीट तक की प्रतिमाएं बिक चुकी हैं। शहर के प्रमुख चौराहों, कॉलोनियों और बाजारों में 10 दिनों तक सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम होंगे। कई बड़े पांडालों में आकर्षक विद्युत सज्जा और भव्य झांकियां तैयार की गई हैं। सुबह-शाम महाआरती, भजन संध्या और 10वें दिन भव्य विसर्जन शोभायात्रा का आयोजन होगा।
शहर के 21 से अधिक पांडालों में गणेश प्रतिमाओं की कतारें सजी हैं। बाजार में 50 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। कुछ प्रतिमाओं में गणेशजी के हाथ में बंदूक भी दिखाई दे रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गणेशोत्सव के दौरान कौन-कौन से विशेष कार्यक्रम होंगे?
- शहर के प्रमुख चौराहों, कॉलोनियों और बाजारों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें सुबह-शाम महाआरती, भजन संध्या और भव्य विसर्जन शोभायात्रा शामिल है।
- हरतालिका तीज के अवसर पर क्या धार्मिक क्रियाएं की जाती हैं?
- सुहागिनें पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर वेदोक्त मंत्रों से पूजा-अर्चना करती हैं।
- गणेशोत्सव से स्थानीय व्यापार पर क्या असर पड़ा है?
- हलवाई उद्योग में मोदक, लड्डू और भोग सामग्री के लिए अग्रिम थोक ऑर्डर बढ़े हैं, साथ ही फूल उत्पादकों, फल विक्रेताओं और पारंपरिक परिधानों, पूजा सामग्री की बिक्री में भी तेजी आई है।
- पांडालों की सजावट में क्या-क्या शामिल है?
- पांडालों में वाटरप्रूफ डोम, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और थीम-बेस्ड डेकोरेशन का करोड़ों का व्यवसाय हुआ है।
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