नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का ₹30,000 करोड़ का आईपीओ 17 सितंबर से शुरू
इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785, लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का करीब ₹30,000 करोड़ का आईपीओ 17 सितंबर से शुरू होगा और 21 सितंबर को समाप्त होगा। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है जिसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे, जिससे NSE को नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का आईपीओ करीब ₹30,000 करोड़ का है, जो 17 सितंबर से निवेशकों के लिए खुल जाएगा। बोली लगाने की अंतिम तारीख 21 सितंबर है और शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। इससे NSE को नया पैसा नहीं मिलेगा, बल्कि शेयरधारकों को हिस्सेदारी कम करने का मौका मिलेगा। शुरुआती अनुमान के अनुसार, आईपीओ का आकार लगभग ₹30,000 करोड़ का है।
प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। निवेशक न्यूनतम आठ शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी न्यूनतम निवेश राशि ₹14,280 है। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 16 सितंबर को होगी।
आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है, जबकि 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों और 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के लिए रखा गया है। Kotak Mahindra Capital को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है और MUFG Intime India Pvt Ltd इश्यू का रजिस्ट्रार है।
शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद 24 सितंबर को NSE के शेयरों की लिस्टिंग प्रस्तावित है।
ग्रे मार्केट में NSE के शेयरों को अच्छा प्रीमियम मिल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹2,007 था, जो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹1,785 से लगभग ₹222 ज्यादा है। हालांकि, यह अनौपचारिक संकेतक है और लिस्टिंग के समय वास्तविक प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
NSE के प्रमुख शेयरधारकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, एमएस स्ट्रैटेजिक, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। ये सभी अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
1992 में स्थापित मुंबई स्थित NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और यह कई एसेट क्लास में ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सेवाएं और नियामक निरीक्षण सहित एक यूनिफाइड इकोसिस्टम प्रदान करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इस आईपीओ से NSE को क्या लाभ होगा?
- यह ऑफर फॉर सेल है, इसलिए NSE को नया पैसा नहीं मिलेगा, बल्कि शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी कम करने का मौका मिलेगा।
- निवेशक न्यूनतम कितने शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं?
- निवेशक कम से कम आठ शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे न्यूनतम निवेश राशि ₹14,280 होती है।
- आईपीओ में हिस्सेदारी किस प्रकार आरक्षित है?
- 50 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए, 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए और 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित है।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या स्थिति में है?
- ग्रे मार्केट में NSE के शेयरों को प्रीमियम मिल रहा है जो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से लगभग ₹222 ज्यादा है, पर यह अनौपचारिक संकेतक है।
- NSE के प्रमुख शेयरधारक कौन-कौन हैं?
- NSE के प्रमुख शेयरधारकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, एमएस स्ट्रैटेजिक, और कई इंश्योरेंस कंपनियां शामिल हैं।
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