सिरोही के सालोतरा में भटाना-वास परिक्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन
42वीं प्रतियोगिता में 22 टीमों के 253 खिलाड़ियों ने कबड्डी, खो-खो, जिम्नास्टिक और दौड़ में भाग लिया
सिरोही जिले के सालोतरा में भटाना-वास परिक्षेत्र की 42वीं खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हुआ, जिसमें 22 टीमों के 253 खिलाड़ियों ने कबड्डी, खो-खो, जिम्नास्टिक और दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। विजेताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया और हारने वालों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। समापन समारोह में गांव के बुजुर्गों और अतिथियों ने खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन की प्रेरणा दी।
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सिरोही। सिरोही जिले के सालोतरा में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में भटाना-वास परिक्षेत्र की 42वीं खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में 22 टीमों के 253 खिलाड़ियों ने कबड्डी, खो-खो, जिम्नास्टिक और दौड़ में अपनी प्रतिभा दिखाई। विजेताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
खेलकूद प्रतियोगिता में छात्र और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। खो-खो में छात्र और छात्रा दोनों वर्गों में रा.उ.प्रा.वि. गौरेली ने खिताबी जीत हासिल की। समापन समारोह में अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और हारने वालों को सांत्वना पुरस्कार दिए।
मंचासीन अतिथियों ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हार सफलता का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर है। ग्रामीणों ने तन-मन-धन से खिलाड़ियों के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाएं कीं। गांव के बुजुर्गों ने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और खेल भावना से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
संस्था प्रधान महेंद्र सिंह देवड़ा ने सभी खिलाड़ियों, निर्णायक मंडल, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शारीरिक शिक्षक प्रवीण पटेल, समरत सिंह, विक्रम सिंह, योगेश कुमार, महेंद्र सिंह, मंगलाराम सहित पूरा स्कूल परिवार, दल प्रभारी, युवा साथी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व खेल प्रेमी मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रतियोगिता में छात्रों ने किस तरह हिस्सा लिया?
- छात्र और छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ खेलों में भाग लिया और अच्छा प्रदर्शन किया।
- समापन समारोह में क्या हुआ?
- अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और हारने वालों को सांत्वना पुरस्कार दिए।
- ग्रामीणों ने खिलाड़ियों के लिए क्या प्रबंध किए?
- ग्रामीणों ने तन-मन-धन से भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।
- संस्था प्रधान महेंद्र सिंह देवड़ा ने क्या कहा?
- उन्होंने सभी खिलाड़ियों, निर्णायकों, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
- मंचासीन अतिथियों ने बच्चों को क्या संदेश दिया?
- हार को सफलता का अंत न मानकर नई शुरुआत का अवसर समझने की प्रेरणा दी।
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