नोएडा में किसानों का मुआवजा 53 फीसदी बढ़ा, फ्लैट रजिस्ट्री हुई आसान
ग्रेटर नोएडा के बराबर मुआवजा और जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी से रजिस्ट्री की मंजूरी
नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के मुआवजे में 53 फीसदी वृद्धि को मंजूरी दी है, जिसके तहत न्यू नोएडा के दादरी-गाजियाबाद-नोएडा इन्वेस्टमेंट रीजन के किसानों को ग्रेटर नोएडा के बराबर मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा, जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर फ्लैट रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी आसान बनाई गई है।
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में किसानों के मुआवजे में 53 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है। अब न्यू नोएडा के दादरी-गाजियाबाद-नोएडा इन्वेस्टमेंट रीजन के फेज 1 और 2 के किसानों को ग्रेटर नोएडा के बराबर मुआवजा मिलेगा। साथ ही जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर फ्लैटों की रजिस्ट्री भी आसान होगी।
प्राधिकरण की बैठक सेक्टर-96 स्थित कार्यालय में चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें नोएडा के सीईओ कृष्ण करुणेश और ग्रेटर नोएडा व यमुना अथॉरिटी के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में किसानों के मुआवजे की नई दरें तय की गईं, जिसके तहत मुआवजा 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर होगा। इससे पहले यह दर 5,324 रुपये प्रति वर्गमीटर बिना 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के और 4,224 रुपये प्रति वर्गमीटर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ थी।
किसानों को 6 प्रतिशत प्लॉट भी बांटे जाएंगे। यदि किसी किसान के पास 100 गज जमीन है तो उसे लगभग साढ़े पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह बढ़ोतरी किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
इसके अलावा प्राधिकरण ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर बिके फ्लैटों की रजिस्ट्री को मंजूरी दी है। यह फैसला सेक्टर-21, 25 और अन्य इलाकों में रहने वाले हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए राहत भरा है, जिससे उनकी संपत्ति का मालिकाना हक स्पष्ट होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुआवजा बढ़ोतरी से किसानों को कुल कितना फायदा होगा?
- अगर किसान के पास 100 गज जमीन है, तो उसे लगभग साढ़े पांच लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
- जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर रजिस्ट्री प्रक्रिया क्यों आसान होगी?
- यह फैसले सेक्टर-21, 25 और अन्य इलाकों में रहने वाले हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए संपत्ति के मालिकाना हक को स्पष्ट करेगा।
- मुआवजा दरों में पहले और अब क्या अंतर है?
- पहले मुआवजा दर बिना 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के 5,324 रुपये और 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ 4,224 रुपये प्रति वर्गमीटर थी।
- बैठक में किन अधिकारियों ने भाग लिया?
- चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में नोएडा के सीईओ कृष्ण करुणेश और ग्रेटर नोएडा व यमुना अथॉरिटी के अधिकारी मौजूद थे।
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