गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या, सोशल मीडिया विवाद कारण
शाहपुर धनोवा इलाके में बाइक रोककर हमला, इलाज के दौरान लखनऊ में मौत
गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की सोशल मीडिया विवाद के कारण बाइक रोककर हमला किया गया, जिससे उनकी लखनऊ के केजीएमयू में मौत हो गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच कर रही है।
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गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या से इलाके में तनाव है। बुधवार रात करीब 10:30 बजे बाइक रोककर हुई मारपीट के बाद घायल विनोद का गुरुवार को लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान निधन हो गया।
विनोद साहनी, जो रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे, निषाद समाज से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। पुलिस के मुताबिक, उनकी पोस्ट को लेकर कुछ लोगों से उनकी रंजिश चल रही थी। बुधवार रात दुकान बंद कर घर लौटते समय परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनोवा इलाके में मुख्य आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने अपनी गाड़ी उनकी बाइक के सामने लगा दी। इसके बाद फेसबुक पर निषाद समाज से जुड़े उनके पोस्ट को लेकर सवाल-जवाब शुरू हुआ, जो विवाद में बदल गया।
शुभम सिंह, सुभाष सिंह, आकाश सिंह और अन्य साथियों ने मिलकर विनोद पर धारदार हथियार से हमला किया। गंभीर रूप से घायल विनोद ने परिजनों को फोन कर घटना की सूचना दी। परिवार के लोग थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर दी। उन्हें परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत नाजुक होने पर बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई।
विनोद साहनी हमले से कुछ घंटे पहले भी सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। उन्होंने साध्वी निरंजन ज्योति और राजू दास की तस्वीरों के साथ एक रील पोस्ट की थी, जिसमें निषाद समाज से जुड़े लोगों से वीडियो शेयर करने की अपील की गई थी। वह कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और उनके बेटे श्रवण निषाद को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणियां करते थे। इसके कारण पहले भी उनकी बहस हो चुकी थी।
विनोद साहनी समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और निषाद समाज पार्टी में अलग-अलग पदों पर रह चुके थे और करनैलगंज विधानसभा तथा कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट और हमले के बीच संबंध की जांच कर रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि विनोद की शिकायत पर परसपुर थाने में मारपीट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर में तीन लोगों को नामजद किया गया था, जबकि 5-6 अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज था। विनोद की मौत के बाद हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बाकी की तलाश जारी है। कई थानों की पुलिस फोर्स लगाकर जांच की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- विनोद साहनी किस सामाजिक समुदाय से जुड़े थे?
- विनोद साहनी निषाद समाज से जुड़े थे और उनके पोस्ट इसी समुदाय से संबंधित थे।
- विनोद साहनी किन राजनीतिक पार्टियों से जुड़े थे?
- विनोद साहनी समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और निषाद समाज पार्टी में पदों पर रह चुके थे।
- विनोद साहनी की मौत कहां हुई थी?
- विनोद साहनी की मौत लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में हुई, जहां गंभीर हालत के कारण भर्ती थे।
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