चूरू में श्री चारभुजानाथजी मंदिर में छप्पन भोग और महाआरती
मंदिर में फूलों से सजावट, भक्तों ने भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की
चूरू के श्री चारभुजानाथजी मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पिठोरी अमावस्या पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें छप्पन भोग और महाआरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी बारिश की कामना की। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और फूलों से सजावट के बीच विभिन्न अनुष्ठान सम्पन्न हुए।
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चूरू। चूरू के मेनार स्थित प्राचीन श्री चारभुजानाथजी मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पिठोरी अमावस्या पर दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शुक्रवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री चारभुजानाथजी का पंचामृत से अभिषेक और स्नान कराया गया। इसके बाद ठाकुरजी को सोने का मुकुट, सोने के आभूषण, विशेष पिछवाई और मंडफिया से मंगवाई गई आकर्षक पोशाक धारण कराई गई।
सांवलियाजी से मंगवाए गए गुलदाउदी, मोगरा, कश्मीरी गुलाब और देशी गुलाब के फूलों से भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावुक हो उठे।
शाम को भगवान श्री चारभुजानाथजी को 56 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भव्य छप्पन भोग अर्पित किया गया। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने छप्पन भोग के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर में दिनभर भजन, कीर्तन, घंटों-घड़ियालों की ध्वनि और शंखनाद गूंजता रहा। मंदिर की फूलों से आकर्षक सजावट की गई और छप्पन भोग की भव्य झांकी सजाई गई।
कार्यक्रम में मंदिर ट्रस्टी विनोद कुमार, जगदीश प्रसाद, संजय, अजय, सुनील मण्डावेवाला, श्रीराम मंडावेवाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजानाथजी से सुख, शांति, समृद्धि और क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना की। इस मनोरथ का लाभ हेमेंद्र, प्रकाश, दयाशंकर एकलिंगदासोत और उनके परिवार ने लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व प्रधान हुक्मीचंद सांगावत और उनके परिवार ने माता लक्ष्मीजी को सोने का मुकुट तथा भगवान को चांदी की बांसुरी अर्पित की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भक्तों ने भगवान से क्या कामना की?
- श्रद्धालुओं ने भगवान से सुख, शांति, समृद्धि और क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना की।
- मंदिर के कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित थे?
- कार्यक्रम में मंदिर ट्रस्टी विनोद कुमार, जगदीश प्रसाद, संजय, अजय, सुनील मण्डावेवाला, श्रीराम मंडावेवाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- मंदिर की सजावट कैसी थी?
- मंदिर परिसर को फूलों से आकर्षक रूप में सजाया गया और छप्पन भोग की भव्य झांकी दिखाई गई।
- किसने माता लक्ष्मीजी को सोने का मुकुट अर्पित किया?
- वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व प्रधान हुक्मीचंद सांगावत और उनके परिवार ने माता लक्ष्मीजी को सोने का मुकुट अर्पित किया।
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