देश 3 MIN READ

केंद्र सरकार ने लद्दाख को आर्टिकल 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने का प्रस्ताव दिया

अनुच्छेद 371(K) के जरिए लद्दाख को विशेष अधिकार और चुनी हुई संस्था मिलने की संभावना

केंद्र सरकार ने लद्दाख को आर्टिकल 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने का प्रस्ताव संसद में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से उठ रहे स्थानीय अधिकारों के सवालों का समाधान हो सकता है।
AI सार

केंद्र सरकार ने लद्दाख को आर्टिकल 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने का प्रस्ताव संसद में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत लद्दाख को भूमि, संस्कृति, भाषा और पर्यावरण जैसे विषयों पर विशेष अधिकार मिल सकते हैं, लेकिन यह पूर्ण राज्य या विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश नहीं होगा। यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है और निर्वाचित निकाय तथा केंद्र सरकार के बीच अधिकारों के बंटवारे पर चर्चा जारी है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा प्रस्ताव
लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा प्रस्ताव / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

केंद्र सरकार ने लद्दाख को आर्टिकल 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने का प्रस्ताव संसद में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से उठ रहे स्थानीय अधिकारों के सवालों का समाधान हो सकता है।

2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। तब से यहां के लोगों की जमीन, नौकरियों, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासन में अधिक अधिकार की मांग चल रही है।

गृह मंत्रालय और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच हुई हालिया बैठक में केंद्र सरकार ने संविधान में अनुच्छेद 371(K) जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत लद्दाख को भूमि, संस्कृति, भाषा, जंगल और पर्यावरण जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष संवैधानिक संरक्षण और विधायी अधिकार मिल सकते हैं।

हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। निर्वाचित निकाय के अधिकारों और उपराज्यपाल तथा केंद्र सरकार के बीच शक्तियों के बंटवारे पर अभी चर्चा जारी है। लद्दाख के नेताओं का कहना है कि स्थानीय लोगों को विकास और संसाधनों पर अधिक नियंत्रण मिलना चाहिए।

अनुच्छेद 371(K) लागू होने पर यह पूर्ण राज्य का दर्जा या विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश नहीं होगा। इसके अधिकारों की सीमा इस प्रावधान की अंतिम भाषा पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर नागालैंड और मिजोरम को अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संरक्षण मिला है।

केंद्र सरकार ने लद्दाख के लिए एक चुनी हुई संस्था बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जो सुई-जेनेरिस मॉडल पर आधारित होगी। यह मॉडल प्रशासन की एक अनोखी कानूनी व्यवस्था है, जो क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार विशेष अधिकार देता है।

लद्दाख में फिलहाल प्रशासन उपराज्यपाल, उनके सलाहकार और अधिकारियों के जरिए संचालित होता है। स्थानीय प्रतिनिधित्व और संवैधानिक सुरक्षा की मांग लंबे समय से बनी हुई है।

केंद्र सरकार के सचिव आशीष कुंद्रा ने बताया, "संसद आर्टिकल 371 में संशोधन करके लद्दाख को पर्याप्त संवैधानिक सुरक्षा देगी। हम एक अनोखे मॉडल पर काम कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि यह विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश या राज्य नहीं होगा।

इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद भी निर्वाचित निकाय द्वारा बनाए गए कानूनों पर उपराज्यपाल या केंद्र सरकार के पास वीटो अधिकार रह सकता है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पुलिस और कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण किसके पास होगा, यह भी तय होना बाकी है।

इस संवैधानिक सुरक्षा के प्रस्ताव से लद्दाख को लंबे समय से चल रहे आंदोलन और मांगों का संभावित समाधान मिल सकता है। हालांकि अंतिम फैसला संसद में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आर्टिकल 371(K) लागू होने के बाद लद्दाख का राजनैतिक दर्जा क्या होगा?
यह पूर्ण राज्य या विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश नहीं होगा और अधिकार अंतिम भाषा पर निर्भर करेंगे।
सुई-जेनेरिस मॉडल क्या है जो लद्दाख में लागू होगा?
यह प्रशासन की एक अनोखी कानूनी व्यवस्था है जो क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार विशेष अधिकार देती है।
क्या लद्दाख में पुलिस और कानून-व्यवस्था का नियंत्रण स्पष्ट है?
पुलिस और कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण किसके पास होगा, यह अभी तय होना बाकी है।
क्या प्रस्ताव अभी संसद में पारित हो चुका है?
नहीं, अंतिम फैसला संसद में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
लद्दाख के लोगों की मुख्य मांगें क्या हैं?
स्थानीय लोगों की मांग अधिकारों में वृद्धि, जमीन, नौकरियों और प्रशासन में अधिक नियंत्रण की है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 टेक्नोलॉजी ओप्पो F35 5G सीरीज भारत में जल्द लॉन्च होगी
03 ऑटो हुंडई की नई इलेक्ट्रिक SUV से टक्कर लेगी टाटा नेक्सॉन ईवी
04 राजस्थान झुंझुनूं में 9 सितंबर को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान
Trust & Transparency

How this story was handled

Published10 सितंबर 2026, 22:57 IST IST
Last updated10 सितंबर 2026, 22:57 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under देश and aligned with that desk's editorial standards.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from देश.

देश

सैमसंग Galaxy A55 के लिए One UI 9 बीटा अपडेट भारत में शुरू

देश

iPhone 18 Pro में 48MP कैमरा और 30 घंटे तक बैटरी

नौकरी / करियर

बिहार में छपरा और समस्तीपुर में नए मेडिकल कॉलेजों को 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी

बिजनेस

शिशिर कुमार चौरसिया के 27 साल के वित्तीय पत्रकारिता अनुभव

दुनिया

भारत ने समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत का समर्थन किया

Recommended Stories

More from देश
सैमसंग Galaxy A55 के लिए One UI 9 बीटा अपडेट भारत में शुरू
देश
इससे जुड़ी ख़बरें

सैमसंग Galaxy A55 के लिए One UI 9 बीटा अपडेट भारत में शुरू

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 10 सितंबर 2026
iPhone 18 Pro में 48MP कैमरा और 30 घंटे तक बैटरी
देश
इससे जुड़ी ख़बरें

iPhone 18 Pro में 48MP कैमरा और 30 घंटे तक बैटरी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 9 सितंबर 2026
बिहार में छपरा और समस्तीपुर में नए मेडिकल कॉलेजों को 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी
नौकरी / करियर
इससे जुड़ी ख़बरें

बिहार में छपरा और समस्तीपुर में नए मेडिकल कॉलेजों को 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026
शिशिर कुमार चौरसिया के 27 साल के वित्तीय पत्रकारिता अनुभव
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

शिशिर कुमार चौरसिया के 27 साल के वित्तीय पत्रकारिता अनुभव

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 8 सितंबर 2026
भारत ने समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत का समर्थन किया
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत का समर्थन किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 7 सितंबर 2026
हिमुडा सीईओ नियुक्ति रद्द, CAPF में IPS डेपुटेशन पर जवाब मांगा
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

हिमुडा सीईओ नियुक्ति रद्द, CAPF में IPS डेपुटेशन पर जवाब मांगा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 6 सितंबर 2026
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे के प्रस्ताव का समर्थन किया
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे के प्रस्ताव का समर्थन किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 6 सितंबर 2026
भारत ने लद्दाख में पत्थरों का चेक डैम बनाकर जलस्तर बढ़ाया
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने लद्दाख में पत्थरों का चेक डैम बनाकर जलस्तर बढ़ाया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 टेक्नोलॉजी ओप्पो F35 5G सीरीज भारत में जल्द लॉन्च होगी
03 ऑटो हुंडई की नई इलेक्ट्रिक SUV से टक्कर लेगी टाटा नेक्सॉन ईवी
04 राजस्थान झुंझुनूं में 9 सितंबर को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.