दुनिया 3 MIN READ

भारत ने समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत का समर्थन किया

भारत के वोट पर पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया, नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक सीमा का समर्थन नहीं

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित प्रस्ताव में भारत ने दुनिया के नक्शे में महाद्वीपों के क्षेत्रफल को सही तरीके से दिखाने के सिद्धांत का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का वोट किसी राजनीतिक सीमा या विवादित क्षेत्र के समर्थन में नहीं था।
AI सार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित एक प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें नक्शों में महाद्वीपों के क्षेत्रफल को सही तरीके से दिखाने के सिद्धांत को अपनाने की बात कही गई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत का यह वोट किसी राजनीतिक सीमा या विवादित क्षेत्र के समर्थन में नहीं था, बल्कि केवल नक्शों में भौगोलिक संतुलन लाने के उद्देश्य से था।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के नक्शे पर भारत के वोट का विवाद
संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के नक्शे पर भारत के वोट का विवाद / प्रतीकात्मक चित्र · निहारिका टाइम्स

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित प्रस्ताव में भारत ने दुनिया के नक्शे में महाद्वीपों के क्षेत्रफल को सही तरीके से दिखाने के सिद्धांत का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का वोट किसी राजनीतिक सीमा या विवादित क्षेत्र के समर्थन में नहीं था।

यह प्रस्ताव 4 सितंबर को पारित हुआ, जिसका उद्देश्य नक्शों में महाद्वीपों के आकार को वास्तविकता के करीब लाना है। भारत ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, ताकि मानचित्रों में समान क्षेत्रफल के प्रतिनिधित्व का मूल सिद्धांत लागू हो सके। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह वोट जम्मू-कश्मीर, लद्दाख या किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा के राजनीतिक दर्जे से जुड़ा नहीं है।

भारत ने कहा कि प्रस्ताव का मकसद केवल कार्टोग्राफिक प्रतिनिधित्व में संतुलन लाना है, न कि किसी खास नक्शे या राष्ट्रीय सीमाओं को मान्यता देना। भारत ने अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं किया है और इस प्रस्ताव को जम्मू-कश्मीर के विवाद से जोड़ना गलत है।

पाकिस्तान ने भारत के इस रुख को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़े दावों को तथ्यों पर आधारित नहीं बताया। उसने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे में लंबित विवाद बताया और स्वतंत्र जनमत संग्रह की पुरानी मांग दोहराई।

भारत और पाकिस्तान के बीच यह विवाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद शुरू हुआ, जिसमें भारत ने समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत का समर्थन किया। पाकिस्तान ने इसे जम्मू-कश्मीर के पुराने विवाद से जोड़कर विरोध जताया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत ने अपने वोट की व्याख्या में समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत को समर्थन देने की बात रखी।" उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव किसी खास विश्व नक्शे को मंजूरी नहीं देता।

भारत के अनुसार, यह प्रस्ताव नक्शों में क्षेत्रफल के असमान प्रदर्शन की समस्या को दूर करने के लिए है, खासकर उन मानचित्र प्रक्षेपणों में जहां भूमध्य रेखा से दूर देशों का आकार बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जाता है।

इस विवाद में भारत ने स्पष्ट किया है कि उसका वोट किसी राजनीतिक सीमा या विवादित क्षेत्र के समर्थन में नहीं था, बल्कि यह केवल नक्शों के भौगोलिक प्रतिनिधित्व को संतुलित करने का प्रयास है।

पाकिस्तान ने भारत के आधिकारिक नक्शों और जम्मू-कश्मीर पर संप्रभुता के दावों को खारिज करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का हवाला दिया है।

यह प्रस्ताव टोगो की ओर से पेश किया गया था और इसमें एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन मतदान से अलग रहे।

भारत ने अपने वोट की वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की ताकि यह साफ हो सके कि उसने किसी राजनीतिक सीमा या विवादित क्षेत्र के समर्थन में अपना रुख नहीं बदला है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत ने इस प्रस्ताव को क्यों समर्थन दिया?
भारत ने प्रस्ताव का समर्थन नक्शों में क्षेत्रफल के सही और संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए किया है।
क्या इस प्रस्ताव का संबंध जम्मू-कश्मीर विवाद से है?
भारत ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव का मकसद केवल नक्शा प्रक्षेपण की सटीकता है, न कि किसी राजनीतिक सीमा की मान्यता।
पाकिस्तान का इस विवाद में क्या रुख है?
पाकिस्तान ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे में लंबित विवाद बताया और स्वतंत्र जनमत संग्रह की मांग दोहराई है।
क्या संयुक्त राष्ट्र का यह प्रस्ताव किसी खास नक्शे को मंजूरी देता है?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव किसी विशेष विश्व नक्शे को मंजूरी नहीं देता।
कौन-कौन से देश मतदान से अलग रहे?
एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन मतदान से अलग रहे।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान माउंट आबू में 73 प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित
02 नौकरी / करियर 27 वर्षीय शारदेंदु ने 46 लाख की नौकरी छोड़ सेना में की भर्ती
03 दुनिया भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया
04 बिजनेस योगी सरकार ने चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार निलंबित किए
Trust & Transparency

How this story was handled

Published7 सितंबर 2026, 17:14 IST IST
Last updated7 सितंबर 2026, 17:14 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under दुनिया and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: प्रवक्ता रणधीर जायसवाल.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from दुनिया.

दुनिया

पूर्व CDS अनिल चौहान ने चीन-पाकिस्तान को दी सुरक्षा चुनौती

दुनिया

पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने पाकिस्तान को बड़ा खतरा बताया

मौसम

भारत ने लद्दाख में पत्थरों का चेक डैम बनाकर जलस्तर बढ़ाया

Recommended Stories

More from दुनिया
पूर्व CDS अनिल चौहान ने चीन-पाकिस्तान को दी सुरक्षा चुनौती
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

पूर्व CDS अनिल चौहान ने चीन-पाकिस्तान को दी सुरक्षा चुनौती

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 6 सितंबर 2026
पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने पाकिस्तान को बड़ा खतरा बताया
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने पाकिस्तान को बड़ा खतरा बताया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 6 सितंबर 2026
भारत ने लद्दाख में पत्थरों का चेक डैम बनाकर जलस्तर बढ़ाया
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने लद्दाख में पत्थरों का चेक डैम बनाकर जलस्तर बढ़ाया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान माउंट आबू में 73 प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित
02 नौकरी / करियर 27 वर्षीय शारदेंदु ने 46 लाख की नौकरी छोड़ सेना में की भर्ती
03 दुनिया भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया
04 बिजनेस योगी सरकार ने चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार निलंबित किए

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.