भाजपा ने 7 बागी नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया
प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने अनुशासनहीनता को लेकर आदेश जारी किया
भाजपा ने राजस्थान में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले सात बागी नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। प्रदेश महामंत्री श्रवाण सिंह बगड़ी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है, जिससे अब तक कुल 48 नेता निष्कासित हो चुके हैं। यह कदम निकाय चुनाव के दौरान पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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राजस्थान में निकाय चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सात बागी नेताओं को भाजपा ने छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने इस कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले सात सितंबर को 41 नेताओं को पार्टी से निकाला जा चुका है।
भाजपा ने अजमेर, जैतारण, नागौर के विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षदों और पदाधिकारियों सहित सात नेताओं को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण छह साल के लिए निष्कासित किया है। अजमेर नगर निगम के वार्ड 38 से पूर्व पार्षद एवं मंडल अध्यक्ष अरुण शर्मा, वार्ड 41 से पूर्व पार्षद नीतू मिश्रा, वार्ड 52 से महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष सीमा गोस्वामी, वार्ड 74 से पूर्व पार्षद रूबी जैन और वार्ड 75 से पूर्व पार्षद धर्मेंद्र सिंह चौहान (पंचम) पर यह कार्रवाई हुई है।
जैतारण नगर पालिका के वार्ड 17 से पूर्व पार्षद राकेश सोलंकी और नागौर जिले की मुंडवा नगर पालिका के वार्ड 8 से किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री लक्ष्मी नारायण मुंडेल को भी पार्टी से निष्कासित किया गया है। भाजपा का मानना है कि अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ना संगठन विरोधी गतिविधि और अनुशासनहीनता है।
प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने आदेश जारी कर कहा कि ये नेता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले सात सितंबर को 41 नेताओं को पार्टी से निकाला गया था, जिससे अब तक कुल 48 नेताओं पर कार्रवाई हो चुकी है।
इन नेताओं में कई पूर्व पार्षद, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष और किसान मोर्चा के पदाधिकारी शामिल हैं। जयपुर में 26 नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी इसी कारण कार्रवाई हुई थी। भाजपा ने इस कड़ी कार्रवाई से अपनी अनुशासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संदेश दिया है।
राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को हुआ, जिसमें 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। इस चुनाव में भाजपा ने प्रचार के अंतिम दिन मुख्यमंत्री को जयपुर में उतारकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कौन से पदों के नेता निष्कासित हुए?
- इसमें पूर्व पार्षद, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष और किसान मोर्चा के पूर्व मंत्री शामिल हैं।
- निष्कासन का आदेश किसने जारी किया?
- प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने राज्य अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर आदेश जारी किए।
- राजस्थान निकाय चुनाव का मतदान कब हुआ?
- पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को हुआ जिसमें 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा।
- भाजपा ने अनुशासन व्यवस्था के लिए क्या संदेश दिया?
- भाजपा ने बागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई करके अपनी अनुशासन व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया है।
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