देहरादून में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बड़ा आंदोलन
प्रदेशभर के कर्मचारी और शिक्षक मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए जुटे
देहरादून में कर्मचारी और शिक्षक पुरानी पेंशन योजना की पुनः स्थापना की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना और मुख्यमंत्री आवास घेराव करेंगे। यह आंदोलन 2004 में बंद हुई पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू कराने के लिए है, जिसमें प्रदेशभर से कई लोग शामिल हो रहे हैं। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन और अन्य संगठन इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
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जागरण संवाददाता। देहरादून में रविवार को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी और शिक्षक एक दिवसीय धरना देंगे और मुख्यमंत्री आवास घेराव करेंगे। इस आंदोलन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी समर्थन मिला है।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ने इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का निर्णय लिया है। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी देहरादून पहुंच गए हैं। वे ‘‘पुरानी पेंशन बहाल करो’’ के नारे लगाते हुए रैली के रूप में धरना स्थल तक पहुंचेंगे।
यह आंदोलन पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू कराने की मांग को लेकर है, जिसे वर्ष 2004 में बंद कर दिया गया था और उसके स्थान पर नया पेंशन सिस्टम लागू किया गया।
आंदोलन की तैयारियों के लिए शनिवार देर शाम जीपीडब्ल्यूओ की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ओमबीर सिंह, दिनेश जोशी, ठाकुर शेर सिंह थापली, विजेंद्र कुमार, दीप चंद शर्मा, पीसी खंतवाल और ललित मोहन उनियाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है।
महामंत्री जेपी चाहर ने कहा, "संगठन आंदोलन में अपनी मार्गदर्शक भूमिका निभाते हुए कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ खड़ा रहेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि "पुरानी पेंशन कर्मचारी की वर्षों की सेवा के दौरान अर्जित अधिकार है।"
उन्होंने बताया कि अब वित्त विधेयक 2025 की आड़ में वर्तमान पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इस स्थिति में सरकार की पेंशन संबंधी नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों और पेंशनर्स को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जीपीडब्ल्यूओ की बैठक कब और किसने की?
- शनिवार देर शाम जीपीडब्ल्यूओ की बैठक हुई जिसमें चौधरी ओमबीर सिंह सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।
- वित्त विधेयक 2025 का आंदोलन से क्या संबंध है?
- महामंत्री जेपी चाहर के अनुसार, वित्त विधेयक 2025 की आड़ में पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
- आंदोलन का मुख्य नारा क्या है?
- आंदोलन का मुख्य नारा है 'पुरानी पेंशन बहाल करो'।
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