नई दिल्ली में BRICS बाजार में सदस्य देशों की पारंपरिक कला प्रदर्शित
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम के पास BRICS बाजार लगा
नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम में BRICS बाजार आयोजित किया गया है, जहां सदस्य देशों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं। यह बाजार 10 से 15 सितंबर तक खुला रहेगा और इसके चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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नई दिल्ली। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS शिखर सम्मेलन हो रहा है। इसके साथ ही भारत मंडपम के पास नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम एंड हस्तकला अकादमी के परिसर में BRICS बाजार लगा है, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं।
BRICS बाजार 10 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलेगा। इस बाजार में BRICS समुदाय की विविध संस्कृतियों और रचनात्मक भावना का उत्सव मनाया जा रहा है। इसमें सदस्य और साझेदार देशों के कारीगर, डिजाइनर और रचनात्मक उद्यमी अपनी पारंपरिक कला, हथकरघा, कपड़े और कलाकृतियां प्रदर्शित कर रहे हैं।
बाजार स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आसपास के इलाके में सुरक्षा का व्यापक घेरा बनाया गया है। BRICS समिट के कारण दिल्ली में कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
बेलारूस की विलो वीविंग, जो लचीली विलो की टहनियों से बुनाई है, इस बाजार की खासियत है। बेलारूस के मोलोदचेनों की प्रसिद्ध विलो बुनकर लाना स्लास्त्सियोन ‘वर्बाच्का’ लोक शिल्प समूह का नेतृत्व करती हैं और उन्हें बेलारूस गणराज्य की ‘पीपुल्स मास्टर’ के रूप में मान्यता मिली है।
ब्राजील की मिट्टी की कला भी यहां प्रदर्शित की गई है। ब्राजील के गोयास की सिरेमिक कलाकार और मूर्तिकार क्लेजियानिया रिबेरो डी लीमा पाइवा की कला अमेरिका महाद्वीप की सबसे पुरानी जीवित परंपराओं में से एक मानी जाती है। इस कला में नदी किनारे और पहाड़ियों से हाथ से निकाली गई मिट्टी का इस्तेमाल होता है।
कजाकिस्तान के कलाकार-ज्वेलर सेरिक रिसबेकोव की चांदी के गहनों में गर्म एनामेल, प्राकृतिक पत्थरों और पारंपरिक कजाख प्रभावों को आधुनिक डिजाइन के साथ मिलाया गया है।
ईरान की कलाकार नादिया करीमी बलूची कढ़ाई की पारंपरिक कला को बचाने और आगे बढ़ाने पर काम कर रही हैं। बलूची कढ़ाई बलूच महिलाओं की पहचान और विरासत से गहराई से जुड़ी है और यह कला पीढ़ियों से मां से बेटी तक पहुंचती रही है।
जर्मन मीडिया प्रतिनिधि बेन ने भारत में BRICS सम्मेलन की तैयारियों और मीडिया के लिए किए गए इंतजामों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के बावजूद भारत का मीडिया बैग सबसे बेहतर लगा। उन्होंने अब तक के आयोजन को शानदार बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- BRICS बाजार में किन प्रकार की कलाकृतियां प्रदर्शित हुईं?
- इसमें पारंपरिक कला, हथकरघा, कपड़े और कलाकृतियां शामिल हैं जिन्हें कारीगर और डिजाइनर दिखा रहे हैं।
- बेलारूस की विलो वीविंग क्या खास है?
- यह लचीली विलो की टहनियों से बनती है और 'पीपुल्स मास्टर' सम्मान प्राप्त लाना स्लास्त्सियोन का नेतृत्व है।
- कजाकिस्तान के ज्वेलर ने किस तरह के गहने बनाए हैं?
- उन्होंने चांदी के गहने बनाए हैं जिनमें गर्म एनामेल, प्राकृतिक पत्थर और पारंपरिक कजाख डिजाइन शामिल हैं।
- BRICS बाजार में ईरान की कला की क्या खासियत है?
- ईरान की नादिया करीमी बलूची कढ़ाई को संरक्षण और प्रवर्धन पर काम कर रही हैं, जो महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान है।
- BRICS सम्मेलन की मीडिया व्यवस्थाओं के बारे में क्या कहा गया?
- जर्मन पत्रकार बेन ने भारतीय मीडिया व्यवस्थाओं की तारीफ की और इसे ब्राजील एवं दक्षिण अफ्रीका की तुलना में बेहतर बताया।
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