अदाणी एयरपोर्ट ने 5.5% हिस्सेदारी बेचकर जुटाए 1 अरब डॉलर
निवेश से एयरपोर्ट कारोबार का विस्तार और एयरपोर्ट-सिटी विकास होगा
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने करीब 5.5% हिस्सेदारी बेचकर 1 अरब डॉलर जुटाए हैं, जिसका प्रयोग एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरपोर्ट-सिटी परियोजनाओं के विकास में किया जाएगा। इस निवेश से कंपनी की क्षमता बढ़ेगी और एयरपोर्ट नेटवर्क विस्तार के साथ यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने करीब 1 अरब डॉलर यानी 9,825 करोड़ रुपये की नई पूंजी जुटाने के लिए तीन चरणों में समझौते किए हैं। इस निवेश से कंपनी को एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और एयरपोर्ट-सिटी परियोजनाओं को विकसित करने में मदद मिलेगी।
कंपनी की वैल्यूएशन निवेश से पहले करीब 18 अरब डॉलर आंकी गई है। यह फंडिंग अल्फा वेव ग्लोबल, टेमासेक, प्रेमजी इन्वेस्ट और ब्लैकरॉक से जुड़े फंड समेत कई घरेलू और विदेशी निवेशकों से आएगी। तीनों चरण पूरे होने पर इन निवेशकों के पास कंपनी की करीब 5.54% हिस्सेदारी होगी।
यह निवेश भारत के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में संस्थागत निवेश के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है। इससे कंपनी को अपने एयरपोर्ट नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और कमर्शियल कमाई के साथ यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने का मौका मिलेगा।
कंपनी की योजना है कि एयरपोर्ट-सिटी के पहले चरण में करीब 2.2 करोड़ वर्ग फुट में विभिन्न परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इससे सालाना करीब 20 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी।
निदेशक जीत अदाणी ने कहा, "यह साझेदारी कंपनी के एयरपोर्ट कारोबार के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।" उन्होंने बताया कि भारत का एविएशन सेक्टर आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकता है। एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार, पर्यटन, रोजगार और शहरों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कंपनी का लक्ष्य एक बड़ा और एकीकृत एयरपोर्ट प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो विश्व के प्रमुख एयरपोर्ट नेटवर्क में शामिल हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह निवेश किन निवेशकों से आया है?
- निवेश अल्फा वेव ग्लोबल, टेमासेक, प्रेमजी इन्वेस्ट, ब्लैकरॉक और अन्य घरेलू व विदेशी निवेशकों से हुआ है।
- अदाणी एयरपोर्ट का एयरपोर्ट-सिटी प्रोजेक्ट क्या है?
- यह एक मल्टी-फेज परियोजना है जिसमें पहले चरण में विशाल क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे।
- निवेश का उद्देश्य क्या है?
- निवेश का मकसद एयरपोर्ट की कैपेसिटी बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।
- जीत अदाणी ने इस निवेश पर क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि यह साझेदारी एयरपोर्ट कारोबार के विस्तार में बड़ा कदम है और एविएशन सेक्टर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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