जयपुर में 6.80 करोड़ के बॉस स्कैम में बाड़मेर से आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाता देने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने जयपुर में 6.80 करोड़ रुपए के बॉस स्कैम मामले में बाड़मेर के तगाराम को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए अपना बैंक खाता कमीशन पर उपलब्ध कराया था। पुलिस मामले की जांच में तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।
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जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने 6.80 करोड़ रुपए के बॉस स्कैम मामले में बाड़मेर निवासी तगाराम को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए कमीशन पर अपना बैंक खाता मुहैया कराया था। जांच में उसकी भूमिका सामने आई।
ठगी का तरीका और जांच
जांच में पता चला कि गिरोह साइबर ठगी की रकम को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए म्यूल बैंक खाते, एटीएम, चेक, यूपीआई, क्यूआर कोड, डिजिटल वॉलेट और यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल करता था। गिरोह टेलीग्राम ग्रुप के जरिए फर्जी खाते, एटीएम, सिम और पासबुक की किट उपलब्ध कराता था। रकम खातों में पहुंचते ही नकद निकाली जाती और यूपीआई, क्यूआर कोड, सीडीएम व अन्य खातों में ट्रांसफर की जाती थी। रकम को लगातार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लेयरिंग की जाती थी और बाद में क्रिप्टो करेंसी में बदलकर आगे भेजा जाता था। पुलिस बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी की भूमिका की पुष्टि कर रही है।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
एडीजी साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि तगाराम की भूमिका सामने आने पर उसे बाड़मेर से गिरफ्तार कर जयपुर लाया गया। आरोपी ने अपना बैंक खाता हरेंद्र उर्फ हनी को उपलब्ध कराया था। इस खाते में 24 अगस्त 2026 को 2.50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। तगाराम हरेंद्र के साथ बैंक पहुंचा और रकम निकालने का प्रयास किया। पुलिस अब आरोपियों के वॉट्सएप रिकॉर्ड, सीडीआर, सीएएफ आईडी, आईपीडीआर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। कार्रवाई डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन में जयपुर के थानाधिकारी और डीएसपी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम में पुलिस निरीक्षक नीरज कुमार, एएसआई राकेश कुमार, हेड कॉन्स्टेबल बृजलाल और कॉन्स्टेबल सच्चिदानंद शामिल हैं।
मामले की जांच के दौरान तगाराम की भूमिका सामने आई थी
विजय कुमार सिंह, एडीजी साइबर क्राइम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पुलिस अगली जांच में क्या कर रही है?
- पुलिस वॉट्सएप रिकॉर्ड, सीडीआर, सीएएफ आईडी, आईपीडीआर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण कर रही है।
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