मारकंडा नदी में पानी की आवक से 600 एकड़ फसल जलमग्न
पांच दिनों में 55,100 क्यूसिक पानी आने से किसानों को भारी नुकसान का खतरा
मारकंडा नदी में लगातार पानी की आवक के कारण लगभग 600 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का खतरा है। प्रशासन ने जलनिकासी बहाल करने के लिए टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की है और क्षेत्र में भीषण बारिश का अलर्ट जारी है।
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मारकंडा नदी में लगातार पानी की आवक बनी हुई है, जिससे निचले इलाकों में करीब 600 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पिछले पांच दिनों में नदी में 55,100 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
किसानों ने बताया कि जलनिकासी बाधित होने के कारण लगातार बारिश का पानी खेतों में जमा हो रहा है। इससे फसल खराब होने की स्थिति बन गई है और आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने पुलिया के नीचे डाली गई मिट्टी हटाकर जलनिकासी बहाल करने की मांग की है।
पुलिया के नीचे मिट्टी डालने से पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। एडीएम प्रशासन ने राजस्व निरीक्षक जानीपुर और थानाध्यक्ष गगहा के नेतृत्व में टीम गठित कर तत्काल जलनिकासी कराने के निर्देश दिए हैं।
मारकंडा नदी के उफान पर होने से गांव मुगलमाजरा और कठवा की मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है। बसें गांवों में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
पिछले पांच दिनों में 31 अगस्त को 10,713 क्यूसिक, 1 सितंबर को 3,000 क्यूसिक, 2 सितंबर को 12,000 क्यूसिक, 3 सितंबर को 15,000 क्यूसिक और 4 सितंबर को 14,387 क्यूसिक पानी नदी में दर्ज किया गया। शनिवार, 5 सितंबर को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है और देर रात तक पानी आने की संभावना बनी हुई है।
जलनिकासी रोकने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। बांसगांव क्षेत्र में सार्वजनिक नाली पाटने पर पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। प्रशासन ने इस बार भी जलनिकासी बहाल कराने के लिए कदम उठाए हैं।
गेज रीडर रविंद्र ने बताया, "नदी में पानी की आवक लगातार बनी हुई है।" इससे प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके, इसके लिए प्रशासन सतर्क है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जलनिकासी बाधित होने का मुख्य कारण क्या है?
- पुलिया के नीचे डाली गई मिट्टी ने पानी के प्राकृतिक बहाव को रोका है।
- जलमग्न क्षेत्रों में लोगों को क्या समस्याएं हो रही हैं?
- सड़कों पर पानी जमा होने से आवाजाही प्रभावित हुई है, बसें गांवों में नहीं जा पा रही हैं।
- पिछले दिनों नदी में पानी के स्तर में उतार-चढ़ाव कैसे रहे?
- पानी स्तर 31 अगस्त को 10,713 क्यूसिक से 3 सितंबर को 15,000 क्यूसिक तक बढ़ा।
- भविष्य में बारिश की क्या संभावना है?
- 5 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी है और देर रात तक पानी आने की संभावना है।
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