फिरोजाबाद में आलू किसानों को कोल्ड स्टोर और बिक्री पर सब्सिडी
सरकार ने आलू की फसल के लिए दो नई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा
फिरोजाबाद में आलू किसानों को कोल्ड स्टोर में भंडारण और मंडी में बिक्री पर सब्सिडी देने के लिए दो नई योजनाएं शुरू की गई हैं। किसानों को कोल्ड स्टोरेज भंडारण पर 100 रुपये प्रति क्विंटल और बिक्री में मूल्य से कम होने पर 25 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। इन योजनाओं के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद में आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार ने दो नई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को कोल्ड स्टोर में भंडारण और मंडी में बिक्री पर सब्सिडी दी जाएगी। इससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा और लागत में राहत होगी।
उद्यान विभाग ने आलू किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज भंडारण प्रभार अनुदान योजना और भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना शुरू की है। कोल्ड स्टोरेज भंडारण प्रभार अनुदान योजना के तहत किसानों को आलू भंडारण पर 100 रुपये प्रति क्विंटल तक का अनुदान मिलेगा। भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना में सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से कम पर आलू की बिक्री होने पर 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा।
उद्यान अधिकारी ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन में आधार कार्ड, खसरा-खतौनी, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और कोल्ड स्टोर के प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। इसके बाद किसानों को सब्सिडी के रूप में इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत पूर्वांचल के छह जिलों में स्ट्राबेरी की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इन जिलों में कुल 35 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्ट्राबेरी की खेती के लिए 28 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये का अनुदान निर्धारित है। सोनभद्र को सर्वाधिक आठ हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है, जबकि चंदौली, भदोही और मीरजापुर में छह-छह हेक्टेयर, वाराणसी में पांच और जौनपुर में चार हेक्टेयर में स्ट्राबेरी की खेती होगी।
किसान विभाग की वेबसाइट पर कार्यक्रमवार पंजीकरण कर इच्छुक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
उद्यान विभाग के अनुसार, इन योजनाओं से आलू की खेती करने वाले किसानों को लागत के साथ मुनाफा भी होगा और फसल के दामों को लेकर उन्हें चिंता नहीं करनी पड़ेगी। किसान भाइयों को कोल्ड स्टोर में आलू रखने पर भाड़ा यानी किराया देना पड़ता है, जिसे सब्सिडी के जरिए कम किया जाएगा।
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