चित्तौड़गढ़ में बारिश कमजोर, तेज बारिश की उम्मीद कम
मौसम विभाग ने 8 सितंबर से बारिश थमने का अनुमान जताया है
चित्तौड़गढ़ में पिछले कई दिनों से बारिश कमजोर बनी हुई है और तेज बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है और अगले एक सप्ताह तक बारिश थमने की संभावना है, जिससे गर्मी और उमस बढ़ सकती है।
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चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ में रविवार को आसमान बादलों से ढका रहा और मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि तेज बारिश का इंतजार अब तक पूरा नहीं हो सका है। मौसम विभाग ने जिले में कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।
शनिवार को भी शहर में हल्की बूंदाबांदी होती रही, लेकिन ऐसी बारिश नहीं हुई जिससे लोगों को राहत मिले या जलभराव की स्थिति बने। पिछले कई दिनों से जिले में बारिश का दौर कमजोर बना हुआ है, जिससे किसान और आम लोग अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अब तेज बारिश की संभावना लगातार कम हो रही है।
पिछले 24 घंटे में जिले में सबसे ज्यादा 17 मिलीमीटर बारिश गंगरार में दर्ज की गई। इसके बाद राशमी में 13 मिलीमीटर और बस्सी में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ शहर में केवल 6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि भदेसर में 5 मिलीमीटर पानी गिरा। कपासन और निंबाहेड़ा में 3-3 मिलीमीटर, भोपालसागर में 2 मिलीमीटर और रावतभाटा में 1 मिलीमीटर बारिश हुई। बेगूं, डूंगला और बड़ी सादड़ी में पिछले 24 घंटे में बारिश नहीं हुई।
हल्की बारिश से मौसम ठंडा हुआ है, लेकिन जलाशयों, खेतों और भूजल स्तर को लाभ नहीं मिला है। इसलिए लोगों की उम्मीदें अभी भी अच्छी बरसात पर टिकी हैं। मौसम विभाग ने बताया कि 7 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी और 8 सितंबर से अगले करीब एक सप्ताह तक प्रदेश के इस हिस्से में बारिश लगभग थम सकती है।
आने वाले दिनों में तेज बारिश की उम्मीद कम होने से जिले में गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और यदि कोई नया सिस्टम प्रभावी होता है तो पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है। किसान और आम लोग मानसून के सक्रिय होने या कमजोर पड़ने की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पतली बारिश से क्या असर पड़ा है?
- हल्की बारिश से मौसम ठंडा जरूर हुआ है, लेकिन जलाशय और भूजल स्तर पर कोई खास लाभ नहीं हुआ है।
- बारिश की कमजोर स्थिति का किसानों पर क्या प्रभाव है?
- बारिश कमजोर होने से किसान अच्छी बरसात की प्रतीक्षा कर रहे हैं क्योंकि फिलहाल खेतों को जरूरी पानी नहीं मिल रहा।
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