ट्रंप ने कहा- चुनाव के बाद ही गिरेंगे तेल के दाम
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों में गिरावट चुनाव के बाद संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण बढ़े तेल के दाम मध्यावधि चुनावों के बाद ही गिरेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवंबर के चुनावों के बाद ईरान के साथ संघर्ष समाप्त हो सकता है, लेकिन विशेषज्ञ इस अनुमान पर सवाल उठा रहे हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण बढ़े तेल के दाम जल्द नहीं गिरेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्यावधि चुनावों के बाद ही तेल की कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है।
ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध नवंबर के मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उस समय तक तेहरान के पास संघर्ष जारी रखने की क्षमता सीमित हो सकती है।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है और कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदल सकता है। ट्रंप की अपनी पार्टी के भीतर भी युद्ध को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
मध्य-पूर्व में लड़ाई तेज होने के बीच तेल की कीमतें बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो जुलाई के बाद पहली बार इस स्तर के आसपास हैं। ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि तेहरान ऐसी राजनीतिक स्थिति चाहता है जिससे अमेरिका में कमजोर नेतृत्व सामने आए और बाद में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सके।
हालांकि ईरान लगातार इस आरोप को खारिज करता रहा है कि उसका उद्देश्य परमाणु हथियार विकसित करना है और उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों पर आधारित है।
मध्य-पूर्व मामलों के विशेषज्ञ एलेक्स वटांका ने ट्रंप के युद्ध समाप्ति के अनुमान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान किसी अमेरिकी चुनाव की तारीख का इंतजार करने के बजाय ऐसे समझौते की तलाश कर सकता है जिसे वह कूटनीतिक उपलब्धि मान सके। इसमें परमाणु कार्यक्रम का भविष्य और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं।
विशेषज्ञ के अनुसार स्थायी समाधान के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू होना जरूरी होगी क्योंकि केवल सैन्य दबाव या आर्थिक प्रतिबंधों से तेहरान को झुकने के लिए मजबूर करना निश्चित नहीं है।
ईरान संघर्ष के बीच सबसे बड़ी चिंता ऊर्जा आपूर्ति को लेकर है। फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग हैं। यहां किसी भी लंबे व्यवधान का असर ईंधन की कीमतों और महंगाई पर दुनिया के कई देशों में पड़ सकता है।
ट्रंप का दावा फिलहाल युद्ध समाप्ति की एक राजनीतिक उम्मीद है, पक्की समयसीमा नहीं। असली तस्वीर इस बात से साफ होगी कि आने वाले महीनों में सैन्य कार्रवाई के साथ कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुलता है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- विशेषज्ञों का युद्ध समाप्ति पर क्या मानना है?
- मध्य-पूर्व विशेषज्ञ एलेक्स वटांका के अनुसार, स्थायी समाधान के लिए कूटनीतिक बातचीत जरूरी है, और ईरान चुनाव की तारीख का इंतजार नहीं करेगा।
- फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक तेल बाजार में क्या महत्व है?
- ये मार्ग वैश्विक तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, और यहां किसी भी व्यवधान से ईंधन कीमतों और महंगाई पर व्यापक असर पड़ सकता है।
- ट्रंप ने ईरान को चुनाव प्रभावित करने का कैसे आरोप लगाया?
- ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका में कमजोर नेतृत्व की राजनीतिक स्थिति चाहता है ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सके।
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